पंजाब सरकार ने एक अक्तूबर 2021 से धान की खरीद प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया है। आरबीआई ने इसके लिए 35712.73 करोड़ रुपये की सीसीएल लिमिट जारी कर दी है। राज्य में धान खरीद के लिए 2606 स्थानों पर केंद्र चिह्नित किए गए हैं। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशू ने खरीद प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 से बचाव के पुख्ता प्रबंधन करने का निर्देश दिया है।
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आशू ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में भीड़भाड़ को रोकने के लिए किसानों, मजदूरों, पल्लेदारों, आढ़तियों, ढुलाई में शामिल लोगों और खरीद कार्य में लगे सरकारी मुलाजिमों और अधिकारियों को कोविड-19 के बचाव के लिए राज्य भर में पंजाब मंडी बोर्ड की तरफ से चिह्नित किए 1806 खरीद केंद्रों के अलावा तकरीबन 800 अन्य योग्य राइस मिलों और सार्वजनिक स्थानों को अस्थायी खरीद केंद्र बनाया जा रहा है।
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आशू ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से ए ग्रेड धान की एमएसपी 1960 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। खरीद प्रक्रिया 30 नवंबर तक जारी रहेगी और खरीद से 48 घंटों में फसल की अदायगी और 72 घंटों में लिफ्टिंग को जरूरी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री चन्नी ने धान खरीद प्रबंधों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के विभाग को पहली अक्तूबर से शुरू होने वाले खरीफ मंडीकरण सीजन के दौरान धान की निर्विघ्न और सुचारु खरीद यकीनी बनाने का निर्देश दिया। एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान धान के खरीद सीजन के लिए किए गए प्रबंधों और तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जो खरीद कामों के लिए नोडल एजेंसी है, को सुचारु और निर्विघ्न खरीद के साथ-साथ धान के भंडारण के लिए सभी जरूरी प्रबंधों को यकीनी बनाने को कहा।
चन्नी ने कहा कि किसानों की उपज का दाना-दाना मंडी में से उठाया जाएगा और किसानों को समय पर अदायगी के लिए निर्धारित नियमों की सख्ती से पालन किया जाएगा। विचार-विमर्श में हिस्सा लेते हुए निदेशक (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) डॉ. अभिनव त्रिखा ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य की मंडियों में धान की आने वाली संभावित फसल की खरीद के लिए पहले ही विस्तृत प्रबंध किए जा चुके हैं।