भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हड़ताल पर गए मंडी में काम करने वाले मजदूरों की मांगों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मजदूरी में कटौती करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। हुड्डा ने एक बार फिर अधिक बारिश से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग उठाई।
एमएसपी खत्म करने का षड़यंत्र: सुरजेवाला
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि धान खरीद 11 अक्तूबर तक टालना सरकार की सोची समझी साजिश है। सरकार चोर दरवाजे से एमएसपी खत्म करने का षड़यंत्र रच रही है। सुरजेवाला ने कहा कि मंडियों में 20 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में पड़ा है। अंबाला की मंडियों में लगभग 4.50 लाख क्विंटल धान, कुरुक्षेत्र में 5.50 लाख क्विंटल, यमुनानगर में 2.25 लाख, कैथल में 2 लाख क्विंटल और करनाल की मंडियों में 1.75 लख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा तीन अक्तूबर के बाद निर्णय लेने के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि तब तक किसान कहां पर जाएं? सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का किसान विरोधी चेहरा एक और षडयंत्र से बेनकाब होता है। आज तक भी सरकार ने धान, बाजरा व अन्य खरीफ फसलों के साल 2021-22 के ‘खरीद मापदंड’ जारी नहीं किए तो फिर सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर खरीद कैसे करेंगी? प्राइवेट मिलर्स पर भी पांच प्रतिशत सिक्योरिटी की शर्त लगाना भी गलत है।
सरकार नहीं चाहती एमएसपी पर खरीद: चौटाला
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं करना चाहती। इसलिए ही खरीद की तारीख पर तारीख दे रही है। किसानों की फसलें पककर तैयार हैं और मंडियां अटी पड़ी हैं लेकिन सरकार के पास खरीद की कोई योजना नहीं है।
चौटाला ने झज्जर में कृषि के तीन कानूनों के खिलाफ सरकार का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज करने की निंदा की है। चौटाला ने कहा कि धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू हो जानी चाहिए थी। ऐसे में किसान धान की फसल को व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेचने पर मजबूर हो जाएंगे और फिर किसान की वही धान की फसल व्यापारी सरकार से मिलीभगत कर एमएसपी पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाएंगे। इससे फिर से एक बहुत बड़े धान घोटाले को अंजाम दिया जाएगा।