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भगत सिंह का नाम लेने से ही गर्व से सीना हो जाता है चौड़ा

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चंडीगढ़। आज हम जिस आजादी के साथ सुख-चैन की जिंदगी गुजार रहे हैं, वह असंख्य जाने अनजाने देशभक्त शूरवीर क्रांतिकारियों के त्याग, बलिदान एवं शहादतों की नींव पर खड़ी है। ऐसे ही अमर क्रांतिकारियों में शहीद भगत सिंह शामिल थे जिनका नाम लेने मात्र से ही सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। वो आज भी युवाओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। हर युवा भगत सिंह से जुड़ी किसी न किसी चीज को हासिल करना चाहता है। शहीदी दिवस पर अमर उजाला ने युवाओं के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने दिल के उद्गार व्यक्त किए।
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(दोनों फोटो नीरज जी के ट्रैक पर)
क्या कहते हैं युवा
जो भी पीड़ित की आवाज बने तो समझ लीजिए भगत सिंह उसके दिल में बसते हैं
जब भी कोई पीड़ित की आवाज उठा रहा हो तो समझ लीजिए उसके दिल में भगत सिंह बसते हैं। मैं शहीद भगत सिंह के विचारों से प्रेरित उनके विचारों पर समर्पित नौजवान सभा सेक्टर- 56 चंडीगढ़ का अध्यक्ष भी हूं। अपनी पाठशाला नाम से इवनिंग क्लासेज भी चलाता हूं, जिसमें कक्षा 1 से 12वीं तक के गरीब बच्चों को पढ़ाया जाता है।
- रवि, निवासी सेक्टर-56
शहीद भगत सिंह युवाओं के हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेंगे
शहीद-ए-आजम भगत सिंह युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। भगत सिंह के शहादत दिवस पर कई कार्यक्रम होते हैं। डड्डूमाजरा के गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स क्लब में खेलों के अलावा आंखों के ऑपरेशन और इलाज का मुफ्त शिविर लगाए जाते हैं। भगत सिंह के बताए रास्ते पर चलते आ रहे हैं। गांव में बड़ी संख्या में युवा भगत सिंह के विचारों से ओतप्रोत और उनके सोच को समर्पित कार्य करते हैं।
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- अमरजीत सिंह, प्रधान, गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स क्लब गांव डड्डूमाजरा
(दोनों फोटो विक्रम जी के ट्रैक पर)
भगत सिंह से सीखा हक के लिए संघर्ष करना
अपने हक के लिए हमें लड़ना ही पड़ता है। बिना संघर्ष किए हक नहीं मिलता, यह बात हमें शहीद भगत सिंह से सीखने मिलती है। असेंबली में बम फेंकने के बाद भगत सिंह चाहते तो वहां से भाग सकते थे लेकिन वह लगातार वहां पर्चे फेंकते रहे। युवाओं को उनके आचरण का अनुसरण करना चाहिए। - पुनीत सिंह मसीतां, छात्र, पीयू
हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करती हूं
भगत सिंह और उनके साथियों का रक्त देश की आजादी के काम आया था। उनकी स्मृति में अपने अधिवक्ता पिता की सहायता से जिला अदालत में हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करती हूं। जिस प्रकार उनका रक्त देश के काम आया, हमारा रक्त देशवासियों के काम आएगा। - राशिमा शर्मा, छात्रा, लॉ विभाग पीयू
(दोनों फोटो कविता जी के ट्रैक पर)
2015 में भगत सिंह की विचारधारा पर बनाई पार्टी ललकार
मैं भगत सिंह की विचारधारा से काफी प्रभावित हूं और उन्हें युवाओं तक पहुंचाने के लिए काम कर रही हूं। वर्ष 2015 में पार्टी पीएसयू ललकार शुरू की जिसका मकसद युवाओं को भगत सिंह के विचारों से जोड़ना था और शिक्षा व रोजगार के हक की लड़ाई के लिए एकजुट होना था। अभी पार्टी में सभी युवा ही काम कर रहे हैं। भगत सिंह के विचारों को युवाओं और लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरे वर्ष नाटक, गीतों और सम्मेलन करवाए जाते हैं। - अमन, सदस्य, पीएसयू ललकार
आजादी के परवाने युवाओं के प्रेरणास्रोत
भगत सिंह ने छोटी उम्र में ही देश के लिए कुर्बानी दे दी लेकिन आज युवा अपने निजी जीवन में अधिक व्यस्त हैं। समाज और देश के लिए काम करने के लिए युवाओं को भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
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- रितिक, छात्र
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