हरियाणा के नए मुख्य सचिव की दौड़ में आईएएस संजीव कौशल वरिष्ठता के आधार पर सबसे आगे हैं। वर्तमान मुख्य सचिव विजय वर्धन 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे पहले ही सरकार नए मुख्य सचिव के नाम पर मुहर लगा देगी। वित्तायुक्त व अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन , सहकारिता संजीव कौशल निर्विवाद होने के साथ ही सरकार की पसंद भी हैं।
1986 बैच के इस 4 चार आईएएस अधिकारी सेवारत हैं। इनमें वरिष्ठता में सबसे ऊपर कौशल हैं। उनके बाद आईएएस वीएस कुंडू, पीके दास व आलोक निगम हैं। पीएडब्ल्यूडी बीएंड आर व खादान एवं भूगर्भ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम इसी महीने 30 तारीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनके बाद कुंडू व दास ही कौशल के साथ दौड़ में रहते हैं। कौशल वित्तायुक्त होने के साथ ही इन दोनों से वरिष्ठ भी हैं, इसलिए उन्हें मुख्य सचिव पद का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
नए वित्तायुक्त के लिए आईएएस कुंडू व पीके दास में होड़
कौशल के नाम पर मुहर लगती है तो कुंडू और दास के बीच नया वित्तायुक्त बनने को लेकर होड़ रहेगी। कौशल के बाद वरिष्ठता में कुंडू हैं और उनके बाद दास, तो ऐसे में दोनों अधिकारियों में से सरकार किसी को वित्तायुक्त लगाया जा सकता है। संजीव कौशल की सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2024 में है। सरकार उन्हें अफसरशाही की सर्वोच्च कुर्सी पर बिठाती है तो वह लंबे समय तक मुख्य सचिव रहेंगे।
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अगले साल तक ये अधिकारी होंगे सेवानिवृत्त
इस साल वर्धन व निगम के अलावा आईएएस महेश्वर शर्मा 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे। कुंडू की सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर 2022 व दास की सेवानिवृत्ति 31 अगस्त 2022 को है। उनके अलावा 1987 बैच के आईएएस देवेंद्र सिंह, अमित झा, एसएन रॉय व राजीव अरोड़ा भी 2022 में ही सेवानिवृत्त होंगे। सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह 31 जुलाई, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा 30 जून, पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन रॉय 31 अक्तूबर व गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा 31 जुलाई 2022 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। आईएएस आरएस वर्मा, अमरजीत मान 31 जुलाई व प्रदीप गोदारा 30 अप्रैल भी 2022 को सेवानिवृत्त होंगे। इन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से अफसरशाही में काफी नए आईएएस को सर्वोच्च पदों पर अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर मिलेगा।