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हमने काट लिया 15 साल का वनवास, इनेलो की होगी अगली सरकार: ओपी चौटाला

Wed, 14 Oct 2020 10:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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ओम प्रकाश चौटाला - फोटो : फाइल फोटो
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इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला ने कहा है कि पांडवों ने 12, श्रीराम ने 14 व हमने 15 साल का वनवास अब तक काट लिया है। प्रदेश में अगली सरकार इनेलो की होगी। उन्होंने कहा कि देश की हालत बहुत खराब है। हमारा कृषि प्रधान देश है और देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। 

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किसान खुशहाल है तो देश खुशहाल है। किसान कंगाल है तो देश का बुरा हाल है। आज देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है, जिसमें हर वर्ग चाहे किसान है या कमेरा, व्यापारी है या कर्मचारी, कारखानेदार है या मजदूर, सभी परेशान हैं।

इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ इनेलो ने पूरे प्रदेश में धरने और प्रदर्शन किए हैं। अगले महीने 20 नवंबर को कुरुक्षेत्र में किसान बचाओ रैली करने जा रहे हैं। उस रैली से प्रमाणित हो जाएगा कि लोग मौजूदा शासन और नए कानूनों से कितना परेशान हैं। जो भी किसान संगठन पक्ष में होगा, उससे हम मिन्नत कर रैली में लाएंगे।
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आज हालत ये हैं कि प्रदेश की सरकार को हर महीने सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने को कर्ज लेना पड़ता है। आज दो लाख करोड़ का कर्ज हरियाणा पर है लेकिन हमारी सरकार जब गई थी तो सरकारी कोष में खजाना भरा पड़ा था।

जब हमारी सरकार थी तब हमने किसानों के हित में फैसले लिए, एक बार बाजरे की बंपर फसल हुई और उस वक्त की केंद्र की सरकार ने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर फसल खरीद से मना कर दिया लेकिन हमने मंडी में आए बाजरे का एक-एक दाना खरीदा। इससे सरकार को बहुत नुकसान हुआ लेकिन हमने किसान का नुकसान नहीं होने दिया। आज ये भी पता नहीं कि किसान की फसल कौन खरीदेगा और कितने में खरीदेगा।

उन्होंने कहा कि जनतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं और आज के हालात देखकर हमें भरोसा है कि निश्चित रूप से आने वाली सरकार इनेलो की होगी। लोग चार साल और निराश न हों, इसलिए बरोदा का चुनाव प्रमाणित करेगा कि लोग क्या चाहते हैं।

हमारी सरकार के समय में लोग सरकार के चक्कर नहीं काटते थे, बल्कि ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत सरकार गांव में जाती थी। बतौर मुख्यमंत्री वह हर गांव में जाते थे। ओपी ने कहा कि वर्तमान में सीएम विंडो बंद है, किसी की सुनवाई नहीं हो रही। लोग दर्जनों शिकायतें करते हैं फिर भी कोई नहीं सुनता।

बरोदा उपचुनाव के बाद टूट जाएगी जजपा, मध्यावधि चुनाव के आसार

बरोदा उपचुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला भी मैदान में आ गए हैं। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि बरोदा उपचुनाव के बाद जजपा टूट जाएगी। कुछ विधायक भाजपा तो कुछ दूसरे दलों में शामिल हो जाएंगे। प्रदेश में मध्यावधि चुनाव के पूरे आसार हैं। चौटाला  को दोबारा अपनाकर जनता का नुकसान करने के वे पक्षधर नहीं हैं। भाजपा व कांग्रेस को बरोदा के लिए उम्मीदवार ही नहीं मिल रहा, जबकि जजपा का तो दिवाला ही पिट गया है।

जो पोते देवीलाल को दादा न मानकर रामकुमार गौतम को दादा मानते थे, वे गौतम भी पोतों को छोड़कर जा रहे हैं। जजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के सवाल का जवाब देते हुए चौटाला ने कहा कि जब वो छोड़कर गए थे, उसके बाद भी यही कहा था कि मिलकर चुनाव लड़ लें, लेकिन उन्होंने नहीं मानी। अगर हम इकट्ठे होते तो प्रदेश में इनेलो की सरकार बननी थी, वह और अजय सिंह तो मुख्यमंत्री बन नहीं सकते थे, क्योंकि हम तो जेल में थे और अभय सिंह ने चुनाव लड़ने से मना ही कर दिया था।

उस समय चौथी पीढ़ी के लोगों को मौका मिलना था और आज दुष्यंत उप-मुख्यमंत्री की बजाय मुख्यमंत्री होता। उनकी घर वापसी पर इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि बिच्छू की आदत होती है डंक मारना और जो बार-बार डंक खाएगा वो मूर्ख होगा या समझदार। उन्होंने इनेलो की कमान कभी नहीं छोड़ी, वह अध्यक्ष हैं और आज भी सारे फैसले उनकी कलम से ही होते हैं। उन्होंने भविष्य में इनेलो व शिरोमणि अकाली दल के साथ हरियाणा में गठबंधन से इंकार नहीं किया। ओपी ने कहा कि उनकी लड़ाई एसवाईएल के पानी की है, जो लेकर रहेंगे।

उन्होंने कहा कि बरोदा उपचुनाव के लिए इनेलो अपना प्रत्याशी 15 अक्तूबर को घोषित कर देगा। 16 अक्तूबर को नामांकन दाखिल कराने के बाद वह स्वयं  23 अक्टूबर से एक हफ्ते का बरोदा हलके का दौरा करेंगे। इस दौरान हलके के सभी 54 गांवों में जाएंगे और एक-एक मतदाता से खुला संपर्क करेंगे। हमने अतीत में बहुत अच्छे निर्णय लिए हैं और भविष्य में भी ज्यादा अच्छे काम लोगों के लिए करेंगे।
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सरकार से जनता ही नहीं, मंत्री भी नाखुश

इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि प्रदेश सरकार से जनता ही नहीं, बल्कि मंत्री भी नाखुश हैं। एक घटना का जिक्त्रस् करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार वह बीमार मंत्री से मिलने गए तो उन्होंने बताया कि डीएसपी और एसएचओ के तबादले भी मुख्यमंत्री करते हैं, उसके पास तो इतनी शक्ति भी नहीं है। यहां मंत्री की मुख्यमंत्री नहीं मानता और मुख्यमंत्री की कोई नहीं मानता। प्रदेश में प्रशाशन नाम की कोई चीज नहीं है।
 
अरोड़ा, संपत, माजरा व ढुल इनेलो में आने को तैयार
चौटाला ने पार्टी छोड़ कर गए नेताओं की घर वापसी के सवाल पर कहा कि अशोक अरोड़ा हमारी पार्टी के अध्यक्ष थे, जिनको हमने बहुत ज्यादा सम्मान दिया हुआ था, वो चले भी ग,ए चुनाव भी लड़ लिया हार भी गए अब फिर इस प्रयास में हैं कि दोबारा इनेलो में शामिल हो जाएं। रामपाल माजरा और परमेंद्र ढुल की घर वापसी पर उन्होंने कहा कि ये ही नहीं इनके साथ संपत सिंह भी इनेलो में वापस आना चाहते हैं।
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