सुरंग बनाकर पाइपलाइन से हजारों रुपये के तेल की चोरी हो रही थी। यह खेल कई महीनों से चल रहा था, जिसका खुलासा अब जाकर हुआ। घटना हरियाणा के पानीपत जिले की है। मथुरा-जालंधर पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी की पांचवीं वारदात का पर्दाफाश हुआ है।
अभी पिछली चार तेल चोरियों में हुए नुकसान का आंकलन तक नहीं लग पाया कि तेल चोरी की इस पांचवीं वारदात ने रिफाइनरी अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। इस बार मॉडल टाउन स्थित विराट नगर फेस-3 में बने एक गोदाम के नीचे से चोरी का मामला सामने आया है। मामले की जांच असंध नाका चौकी पुलिस व सीआईए टीम कर रही है।
गोदाम में सुरंग बनाकर फाइनरी की मथुरा से जालधंर जाने वाली पाइपलाइन में से तेल चोरी किया जा रहा था। यह गोदाम करीब 2 साल पहले सिंचाई विभाग के रिटायर्ड एसडीओ राज सिंह पूनिया ने बनाया था। उसने इसे करीब डेढ़ माह पहले सोनीपत के एक आदमी को किराये पर दिया था।
इसमें पुराने कपड़े की छंटनी का काम किया जा रहा था। लेकिन वास्तव में उसके अंदर क्या काम हो रहा था, किसी को नहीं पता था। गार्ड ने लीकेज पाया तो पानीपत रिफाइनरी की टीम वहां पर पहुंची और तेल लीकेज वाले स्थान को कब्जे में ले लिया। इसके बाद असंध चौकी इंचार्ज श्री भगवान व सीआईए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
एक सप्ताह से प्रेशर कम होने का मिल रहा था संकेत
पिछले एक सप्ताह पहले ही रिफाइनरी के मीटर पर प्रेशर कम होने का संकेत आ रहा था, लेकिन तेल कहां से निकल रहा था किसी को पता नहीं था। पाइपलाइन की सुरक्षा में लगे गार्ड जब विराट नगर के पास सुबह गश्त करने पहुंचे तो वहां पर जिस स्थान पर वॉल्व लगा था, वहां कंपन हो रही थी और तेल लीकेज होने के कारण बदबू आ रही थी।
तेल के लीकेज से स्थानीय लोगों की आंखों में हो रही थी जलन
जहां से सुरंग बनाकर तेल चोरी किया जा रहा था, वहां रहने वाले लोगों की आंखों में भी जलन हो रही थी। उसके बाद गार्ड का शक क्का हो गया और उन्होंने उच्चाधिकारियों को लीकेज मिल जाने की सूचना दी।
चार साल में इसी पाइपलाइन से पांचवीं चोरी
2015 में गांव बिहोली के खेतों में एक ढाबे की आड़ में मथुरा-जालंधर तेल पाइपलाइन से हो रही तेल चोरी पकड़ी गई थी। इसमें ढाबे के तंदूर के नीचे पाइपलाइन से तेल चोरी किया जा रहा था। 2015 में ही गांव मढ़ाना में इसी पाइपलाइन से तेल चोरी का पर्दाफाश हुआ था। इसमें जहां से तेल चोरी किया जा रहा था, वहां एक कोठरा बनाया हुआ था।
तीन अप्रैल 2018 को समालखा के नरायणा गांव के खेतों में इसी पाइपलाइन से तेल चोरी हो रहा था। चौथी वारदात के रूप में अप्रैल 2019 में गांव सिवाह स्थित ज्वार के खेतों से तेल चुराने का मामला सामने आया था।