सात दशक पुरानी फैक्टरी में अमोनिया गैस थी अफसरों को पता ही नहीं था, एसीपी बोले- केस दर्ज कर जांच कर रहे
एसडीएम आसपास के लोगों और एक्सपर्ट से बात कर रहे, रातभर नहीं सो पाए आसपास के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन दमोरिया पुल के पास जैन आइस फैक्टरी से अमोनिया गैस लीक होने के कारण एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस मालिक की तलाश में लगातार छापे मार रही है। पुलिस ने चार टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं। वहीं मृतक शीतल का पोस्टमार्टम के बाद रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने मामले में देर रात बाद फैक्टरी मालिक समेत कई सरकारी विभागों पर केस दर्ज किया है।
जांच में पता चला है कि विभागों ने बिना वेरिफाई किए सात दशक पुरानी आइस फैक्टरी को अप्रूवल दिया। वहीं, अधिकारियों को पता ही नहीं था कि यहां बड़ी मात्रा में अमोनिया गैस का भंडारण किया गया है। पुलिस एफआईआर में फैक्टरी मालिक निनी कुमार जैन निवासी मोहल्ला नंबर-32 जालंधर कैंट, नगर निगम अधिकारी, पंजाब फैक्टरी विभाग अधिकारी, पंजाब इंडस्ट्री विभाग के अधिकारी, पावरकॉम (बिजली) और प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को केस में नामजद किया गया है। हालांकि किसी भी अधिकारी का नाम केस में फिलहाल नहीं जोड़ा गया है। जांच के बाद उन अधिकारियों के नाम जोड़े जाएंगे जो फैक्टरी को दी गई एनओसी के समय पद पर थे।
बता दें कि जैन आइस फैक्टरी में गैस लीक में शीतल सिंह (68) निवासी उपकार नगर मोहल्ला (किशनपुरा) की मौत हो गई थी। केस में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसीपी नार्थ डॉ. शीतल सिंह ने कहा कि जांच की जा रही है कि जिन विभागों को केस में नामजद किया गया है उनके कौन से अधिकारियों ने लापरवाही बरती। एसडीएम की रिपोर्ट के साथ ही पुलिस भी सभी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को सौंपेगी। वहीं, फैक्टरी मालिक निनी जैन की गिरफ्तारी के बाद कई सवालों के जवाब मिल जाएंगे। जांच में सामने आया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में अमोनिया गैस बड़ी मात्रा में रखी गई थी।
आसपास रहने वाले सुरेंद्र खन्ना और ललित मेहता ने कहा कि गैस लीक के बाद रातभर पुलिस और अलग-अलग विभागों की टीम में जांच करती रही। देर रात तक ट्रैफिक बंद रहा, आसपास के एरिया में एकदम सन्नाटा था और डर की वजह से नींद भी नहीं आ रही थी। उनकी पूरी रात जागते हुए निकल गई, क्योंकि गैस का रिसाव तेजी से हुआ था जो आसपास के एरिया में फैल गई थी और स्थिति गंभीर बनी हुई थी। डर लग रहा था कि कहीं अनहोनी न हो जाए।