घटनास्थल पर मौजूद एनडीआरएफ जवान।
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ग्यासपुरा के 33 फुटा रोड पर रविवार सुबह गैस रिसाव के बाद इतने बड़े घटनाक्रम की कमान पीसीआर कर्मचारियों ने संभाली। जब पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना गई तो पहले पीसीआर कर्मचारी पहुंचे। वह आगे बढ़े तो दो मुलाजिम बेहोश होकर गिर पड़े। साथियों को बेहोश होते देख पीसीआर कर्मियों ने उन्हें उठाया और अस्पताल पहुंचाया। उधर, अफसर छुट्टी का आनंद ले रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री का ट्वीट देखते ही घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े।
शुरुआत के दो घंटे तक सारी कमान पीसीआर कर्मचारियों के हाथ में रही लेकिन घटनाक्रम की जानकारी जब सीएम भगवंत मान तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत ट्वीट कर इसकी जानकारी साझा की। अधिकारियों ने सीएम का ट्वीट देखा तो घटना के चार घंटे बाद गाड़ियां लेकर घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू और डीसी सुरभि मलिक करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। इससे पहले कमान पुलिस एडीसीपी रैंक के अधिकारियों ने संभाल रखी थी।
एनडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी थीं। इसके बाद पूरा इलाका सील किया गया और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को वहां तैनात किया गया। किसी को भी इलाके में आने की इजाजत नहीं दी गई। घरों की छतों पर खड़े लोगों को भीतर जाने को कहा गया।
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने किया घटनास्थल का दौरा
स्पेशल डीजीपी (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने घटनास्थल का दौरा किया। उनके साथ पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह सिद्धू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अर्पित शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों और नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने घटना को दिल दहला देने वाला बताया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों को तह तक जांच करने का निर्देश दिया। घटना की मजिस्ट्रेट जांच भी की जा रही है। वहीं पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मुख्य इंजीनियर को भी सैंपल लेने का आदेश जारी किया गया है। डीजीपी का कहना है कि पुलिस सभी विभागों के साथ तालमेल कर मामले की तह तक जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।