फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़: कोरोना काल में पंजाब यूनिवर्सिटी में चूहों की संख्या हुई चार हजार, पीजी के छात्रों ने शुरू किया शोध

Wed, 15 Sep 2021 03:47 PM IST
निवेदिता वर्मा सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एनिमल हाउस के प्रभारी ने बताया कि वे बाहर से चूहे नहीं खरीदते। दूसरे शिक्षण संस्थानों को भी मांग पर चूहे उपलब्ध कराए जाते हैं। चूहों का अलग-अलग मूल्य निर्धारित है। कोई 150 रुपये तो कोई 50 रुपये का है।
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। हर कोई इससे प्रभावित हुआ, लेकिन पंजाब विश्वविद्यालय के एनिमल हाउस में चूहों की मौज आ गई। उन्होंने भरपूर पौष्टिक आहार लिया और मोटे-ताजे हो गए। इनका कुनबा भी बढ़कर चार हजार से अधिक हो गया। अब जैसे ही कोरोना कम हुआ तो कैंपस खुला। उसी के साथ इन पर शोध का काम शुरू हो गया। अब विद्यार्थी एनिमल स्टडी के लिए चूहों पर दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं। 

विज्ञापन


पीयू हर दिन की तरह सुबह नौ बजे खुली थी। समय के अनुसार विद्यार्थियों को कक्षाओं में जाना था। यूआईपीएस विभाग के 26 विद्यार्थी भी कक्षाओं में पहुंचे। मंगलवार का दिन शोध के लिए तय था, इसलिए छात्रों के हाथ में प्रयोगशालाओं के उपकरण व रसायन आदि थे। लैब पूरी तरह साफ दिखी। विद्यार्थी दूर-दूर बैठकर शोध कर रहे थे। शारीरिक दूरी का पालन देखने से ही पता चल रहा था। छात्र हिमांशु कुमार, विजय सिंह कहते हैं कि उनके आने से पहले कक्षा से लेकर प्रयोगशालाओं तक सैनिटाइज किया गया था। हम किसी भी चीज को छूते हैं तो हाथ सैनिटाइज करते हैं। 

यह भी पढ़ें- सिगरेट के फेंके टुकडे़ ने बदली जिंदगी: मोहाली के युवा ने आपदा को अवसर में बदला, यूट्यूब से बने माहिर
विज्ञापन


50 से 150 रुपये तक के चूहे उपलब्ध
यूआईपीएस विभाग में पूर्वाह्न 11 बजे एनिमल हाउस में प्रभारी प्रो. अनिल कुमार शोधार्थियों को निर्देश देते मिले। वह यहां मौजूद चूहों के हाल को देख रहे थे। बताया कि यहां सी-57, बापसी, एसडी रैट्स, डिस्टार, लाका माइक आदि प्रजातियों के चूहे हैं जो एसी में रहते हैं। तापमान भी यहां का मेंटेन रखना पड़ता है। इनका कुनबा लगातार बढ़ा है। बाहर से वे चूहे नहीं खरीदते। यहीं से इनकी संख्या में वृद्धि करते हैं। दूसरे शिक्षण संस्थानों को भी मांग पर चूहे उपलब्ध कराए जाते हैं। चूहों का अलग-अलग मूल्य निर्धारित है। कोई 150 रुपये तो कोई 50 रुपये का है। सफेद व काले रंग के चूहे भी यहां मौजूद हैं और सभी स्वस्थ हैं।
विज्ञापन


छात्र बोले- स्क्रीन पर देखते थे शिक्षकों को, आज सामने देखकर अच्छा लगा
रसायन विज्ञान विभाग में एमएससी अंतिम वर्ष के विद्यार्थी प्रयोगशाला में प्रयोग कर रहे थे। विद्यार्थी सुमित शर्मा का कहना है कि पीयू आकर अच्छा लगा। अभी तक शिक्षकों को स्क्रीन पर ही ऑनलाइन कक्षाओं में देखते थे। थ्यूरी की पढ़ाई तो हो जाती थी,  लेकिन प्रयोग प्रभावित हो रहे थे। पीयू में आकर प्रयोग कर रहे हैं। यही बात छात्र मुकेश कुमार ने भी कही। भौतिक विज्ञान विभाग में छात्रों की पढ़ाई अभी ऑनलाइन चल रही है। अधिकारी जल्द ही प्रयोगशाला खोलने की बात कह रहे थे। दो से तीन छात्र पहुंचे थे जो छात्रावास की मांग कर रहे थे। विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव पुरी छात्रों को छात्रावास की सुविधा के लिए उन्हें जानकारी देते मिले।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें