पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार कई मायनों में रोचक होने वाला है। मतदाताओं की संख्या के साथ ही सूबे में नेताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। 10 वर्षों में राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 226 नेताओं की वृद्धि हुई है। 2012 में 1078 उम्मीदवारों ने विधानसभा के लिए चुनाव में भाग लिया। इस बार 1304 प्रत्याशी चुनाव मैदान में दिखाई देंगे। साथ ही राजनीतिक दलों की संख्या में भी 10 वर्षों में इजाफा हुआ है।
नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान 2266 नामांकन पत्र पंजाब चुनाव आयोग में दाखिल हुए थे। कागजों की पड़ताल के दौरान 588 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए थे। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 4 फरवरी तक दुरुस्त पाए गए 1645 में से 341 नामांकन पत्र वापस ले लिए गए हैं। अब 1304 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं।
सबसे अधिक 19-19 उम्मीदवार विधानसभा हलका 59 साहनेवाल और पटियाला ग्रामीण से चुनाव मैदान में हैं। जबकि सबसे कम 05 उम्मीदवार विधानसभा हलका 5 दीनानगर से चुनाव मैदान में हैं। मतदान का कार्य 20 फरवरी को प्रात: काल 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
पंजाब में इस चुनाव में सियासी समीकरण बदले हैं। कुछ नई पार्टियां बनने के साथ ही भाजपा के प्रत्याशियों की संख्या भी बढ़ी है। इस कारण चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। आने वाले चुनाव में भी कुछ ऐसे ही हालात होंगे। -डॉ. आशुतोष, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़