प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान कल्याण रैली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलोट में आयोजित किसान कल्याण रैली में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया के सात कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए खलल डाल दिया। हालांकि मोदी की रैली के चलते पुलिस प्रशासन काफी सतर्क रहा। हर आने-जाने वाले की अच्छे से तलाशी ली जा रही थी। यही नहीं जो लोग गले में काले गमछे व काली जुराबें डालकर जा रहे थे उनके गमछे व जुराबें तक पुलिस उतरवा रही थी।
मगर पता नहीं कैसे एनएसयूआई के ये सात कार्यकर्ता कब और कैसे काली झंडियां लेकर रैली स्थल के पास प्रेस गैलरी तक जा पहुंचे और पीएम मोदी को काली झंडियां दिखा दीं। इस दौरान शिअद कार्यकर्ताओं ने उन्हें पीटते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।
रैली के दौरान जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपना भाषण देना शुरू ही किया था तभी हंगामा मच गया। एनएसयूआई के सात कार्यकर्ता रैली स्थल पर नारेबाजी करने लगे। सातों कार्यकर्ता वैसे तो रैली में पहले से ही मौजूद थे। मगर बादल का भाषण शुरू होते ही सातों खड़े हो गए और केंद्र सरकार के साथ ही प्रधानमंत्री और बादल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ही उन्होंने काली झंडियां भी दिखाईं।
मगर शिअद वर्करों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें काबू कर लिया। हालांकि इस दौरान एक दो अकाली नेताओं ने उनकी जमकर पिटाई भी की। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और थाने ले गए। ये लोग केंद्र सरकार की ओर से फीसों में की गई बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने खुशनसीब सिंह अजीत रोड बठिंडा, हरपिंदर सिंह रोपड़, जसप्रीत सिंह किल्ली (बठिंडा), जगमीत सिंह अबोहर, परमिंदर सिंह घनौर, सहजदीप सिंह फाजिल्का, प्रदेश अध्यक्ष अक्षय कुमार अमृतसर को हिरासत में लिया। थाना सिटी प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि युवकों के खिलाफ कोई केस नहीं किया जा रहा। इन्हें शाम तक छोड़ दिया जाएगा।