पंजाब पुलिस ने स्पेन में रहने वाले अप्रवासी भारतीय (NRI) हरजीत सिंह को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (नई दिल्ली) से गिरफ्तार किया है। उसके सहयोगी अमरिंदर सिंह को गृह जिले खन्ना से काबू किया है। उन पर टेरर फंडिंग व राज्य में टारगेट कीलिंग की योजनाओं में शामिल होने का आरोप है।
एक हफ्ता पहले पकड़े गए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद उसे दबोचा गया हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशनल सेल के एआईजी अश्वनी कपूर ने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि हरजीत सिंह केएलएफ से जुड़े विदेश में बैठे कुछ कट्टरपंथियों के इशारे पर काम कर रहा था। सिख फॉर जस्टिस की गतिविधियों समेत कट्टरपंथी सामग्री को बढ़ावा देने के लिए दो फर्जी फेसबुक खातों का उपयोग कर रहा था।
एक महीना पहले आया था भारत
पुलिस को सूचना मिली थी गुरदासपुर के गांव घनशामपुर का मूल निवासी हरजीत सिंह लगभग एक महीने पहले भारत आया था और टेरर फंडिंग की गतिविधियों में भी शामिल है। वह राज्य में कुछ लोगों की टागरेट कीलिंग की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। साथ ही वह दिल्ली से स्पेन रवाना होने वाला है फिर पंजाब पुलिस ने तुरंत उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया। इसके बाद मंगलवार को हवाईअड्डे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अमरिंदर सिंह को भी फंडिंग की थी
आरोपी हरजीत सिंह की जांच से पता चला कि उसने अपने सहयोगी अमरिंदर उर्फ बंटी को फंडिंग और सहायता देकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आरोपी हरजीत से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसके बाद ही खन्ना से उसके एक साथी को काबू किया है।
फेसबुक पर दोनों की हुई थी मुलाकात
जांच से पता चला कि दोनों आरोपी व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में आए और एक-दूसरे के साथ समान कट्टरपंथी मनोविज्ञान साझा किया। आरोपी हरजीत सिंह ने धार्मिक नेताओं की टारगेट किलिंग को अंजाम देने के लिए कई बार स्पेन से भारत में अपने साथी अमरिंदर बंटी को वित्तीय सहायता भेजी थी।