मार्केट कमेटी की बैठक शुक्रवार को चेयरमैन रामवीर भट्टी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि मार्च से सेक्टरों में अपनी मंडी की तरह मार्केट कमेटी भी दो बार मंडी लगाएगा।
शहर में इस समय अपनी मंडी पंजाब मंडी बोर्ड लगाता है। इस समय पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से प्रतिदिन अलग-अलग जगहों पर मंडी लगाई जाती है। मार्केट कमेटी के अनुसार पंजाब मंडी बोर्ड अभी जहां पर अपनी मंडी लगता है, उसी जगह पर मार्केट कमेटी फीस चार्ज करके तीसरे दिन अपनी मंडी लगाएगी।
इस दौरान सेक्टर-26 मंडी में फड़ी और रेहड़ियां लगाकर फल और सब्जी बेचने वालों को पेड पार्किंग में शिफ्ट करने पर चर्चा हुई। मंडी में करीब 1100 रेहड़ी और फड़ी वाले हैं। कमेटी के निदेशकों ने कहा कि इस मामले पर डीसी के साथ भी चर्चा की जाएगी।
चेयरमैन ने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए तत्काल इन फड़ी वालों को हटाया नहीं जा सकता। डीसी से इन फड़ी वालों को पहचान पत्र देकर इन्हें स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत जगह अलॉट करने की मांग की जाएगी।
वास्तुकार ने शेड बनाने की मांग खारिज की:
बैठक में यह मामला भी सामने आया कि दुकानों के बाहर बरामदे में जो शेड बनाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया था, मुख्य वास्तुकार विभाग ने उसे खारिज कर दिया है। चार माह पहले जब सलाहकार विजय देव ने मंडी का दौरा किया था तो निदेशक दवेंद्र सिंह बबला ने दुकानदारों की सब्जियां, फल और अन्य सामान को धूप व बारिश से बचाने के लिए शेड के निर्माण की मंजूरी मांगी थी।
शुक्रवार को कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि एक बार फिर से प्रशासन को शेड के निर्माण की मंजूरी देने का प्रस्ताव भेजा जाए। जबकि वास्तुकार विभाग ने मांग खारिज होने की जानकारी व्यापारी एसोसिएशनों को भी लिखित में भेज दी है। इसमें कहा गया है कि मास्टर प्लान में शेड के निर्माण का कोई प्रावधान नहीं है।
मंडी की आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य बृज मोहन ने कहा है कि वास्तुकार विभाग की ओर से दुकानों के आगे शेड निर्माण की मंजूरी न देकर एक तरह से सलाहकार विजय देव के आदेशों की अवहेलना की गई है। जब देव पिछले साल अगस्त में मंडी में आए थे तो उन्होंने कहा था कि मंडी व्यापारियों की यह मांग पूरी होगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
यहां दो बार लगेगी अपनी मंडी
कहां--------------------पंजाब मंडी बोर्ड--------मार्केट कमेटी
सेक्टर-45---------------सोमवार---------------वीरवार
सेक्टर-39, धनास-------मंगलवार---------------शुक्रवार
सेक्टर-15,40------------बुधवार---------------शनिवार
रामदरबार---------------वीरवार---------------रविवार
सेक्टर-46---------------शुक्रवार---------------सोमवार
सेक्टर-43---------------शनिवार---------------मंगलवार
सेक्टर-34---------------रविवार---------------बुधवार
लाइसेंस पर लगी पाबंदी हटाई जाए
बैठक में निदेशकों ने प्रशासन के संपदा विभाग से यह भी मांग की है कि साल 2008 से आढ़तियों के नए लाइसेंस पर पाबंदी लगाई गई जबकि एक्ट में नए लाइसेंस पर कोई पाबंदी का जिक्र नहीं है। कमेटी के निदेशक जुझार सिंह ने कहा कि नए लाइसेंस बनने से कमेटी को कमाई भी होगी। प्रशासन किसी को भी कारोबार करने से रोक नहीं सकता है। बैठक में एक ड्राफ्टमैन की भर्ती करने का प्रस्ताव पास किया गया। इस दौरान मार्केट कमेटी के सचिव राजेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।