हरियाणा सरकार ने चार लाख से अधिक कच्चे-पक्के कर्मचारियों की तबादला प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल से क्यूआर कोड सहित जारी तबादला आदेश ही मान्य होंगे। विभागीय स्तर पर अन्य तरीके से बिना क्यूआर कोड के जारी तबादला आदेशों को अमान्य माना जाएगा। आदेश जारी करने वाले अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव विजय वर्धन ने नई व्यवस्था से सभी विभागों को अवगत करवा दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग एमआईएस (मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम) पोर्टल पर तबादला आदेश जारी नहीं कर पाएगा। सभी श्रेणियों के कर्मियों के तबादले एचआरएमएस के जरिये ही करने होंगे। सरकार ने एमआईएस से तबादलों पर पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा एचआरएमएस पर 31 अगस्त तक अपना डाटा अपलोड न करने वाले कर्मचारियों को सितंबर महीने में वेतन नहीं मिलेगा।
पहली सितंबर 2021 से नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अनेक विभागों की लचर कार्यप्रणाली व तबादलों में गड़बड़ी को देखते हुए ई-गवर्नेंस के माध्यम से शिकंजा कसने का निर्णय लिया है। हर विभाग, बोर्ड, निगम व स्वायत संस्थानों में अब एचआरएमएस का एक नोडल अधिकारी होगा। प्रशासनिक सचिव सुनिश्चित करेंगे कि सभी कर्मचारियों की सर्विस बुक व अन्य डाटा 31 अगस्त पर पोर्टल पर अपलोड हो जाए।
सभी के पास आरएमएस आईडी नंबर होना जरूरी
मुख्य सचिव विजय वर्धन ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के मुख्य प्रशासकों, प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों, डीसी व रजिस्ट्रार को पत्र के जरिये सरकार के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा है कि पोर्टल पर सर्विस बुक इत्यादि सभी डाटा अपलोड होने के साथ ही सब कर्मचारियों के पास आरएमएस आईडी नंबर होना भी जरूरी है। भविष्य में सभी विभाग व स्वायत संस्थान वेतन भी एचआरएमएस से ही जारी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने तीन अगस्त को ली समीक्षा बैठक
एचआरएमएस मुख्यमंत्री मनोहर लाल का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसकी प्रगति को लेकर उन्होंने बीते तीन अगस्त को विभागों की समीक्षा बैठक ली थी। जिसमें सितंबर और नवंबर 2020 में दिए आदेशों की समीक्षा भी की। उन्होंने हर विभाग में इस पोर्टल का सेल और एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा है।