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अब अपने घर में विराजेंगे राधा माधव और चैतन्य महाप्रभु

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चंडीगढ़। सेक्टर-20 के श्री चैतन्य गौड़ीय मठ का 52वां वार्षिक धर्म सम्मेलन व रामनवमी महोत्सव का शुभारंभ छह अप्रैल से होगा। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। यह सम्मेलन अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के आचार्य और अध्यक्ष विष्णु महाराज के सानिध्य में होगा। छह अप्रैल को भगवान राधा माधव और चैतन्य महाप्रभु अब अपने घर में विराजेंगे।
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मंदिर के अंदर निर्माण कार्य के कारण भगवान को अस्थायी रूप से 14 नवंबर को दूसरे मंदिर में विराजमान कराया गया था। मंदिर को पूर्ण तौर पर तैयार कर दिया गया है। सम्मेलन में धर्म सभा का आयोजन होगा। इसमें शहर के विशिष्ट व्यक्ति शामिल होंगे। हर दिन अलग-अलग विषयों पर धार्मिक चर्चा होगी। इस मौके पर संकीर्तन भी होगा।
भव्य और दिव्य सिंहासन बनकर तैयार
श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के प्रवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि भगवान के लिए सिंहासन तैयार किया गया है। बंगाल के मायापुर से कारीगर सिंहासन बनाने के लिए आए थे। तीन महीने में सिंहासन को तैयार किया है। 1985 के बाद पहली बार भगवान को दूसरे मंदिर में विराजमान कराया गया है। मंदिर के गेट को बड़ा किया गया है। साथ ही मंदिर को इटालियन मार्बल से बनाया गया है।
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रामनवमी पर रथ यात्रा 11 अप्रैल को
रथयात्रा का आयोजन 11 अप्रैल को होगा। रथयात्रा में भगवान रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि रथयात्रा के दौरान खास यह होगी कि जब श्री चैतन्य महाप्रभु कीर्तन करते हुए वृंदावन जा रहे थे तो झारखंड के जंगल में जंगली जीव भी उनके साथ संकीर्तन करने लगे थे। यहीं झांकी रथ यात्रा के दौरान आकर्षण का केंद्र रहेगी। झांकियों में 18 बच्चों को शामिल किया गया है। यह बच्चे पांच वर्ष से लेकर सात वर्ष उम्र वर्ग के होंगे। ये सभी बच्चे मठ से जुड़े परिवारों के बच्चे होंगे।
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