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हालात सामान्य फिर भी कम नहीं हो रहे खाने के दाम

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चंडीगढ़। कोरोनाकाल में पीयू की मेस में खाने के दामों को बढ़ाए जाने के विरोध में छात्र संगठनों के अनिश्चितकालीन धरने को 9 दिन हो चुके हैं। इसमें सथ, एसएफएस, पीएसयू ललकार, पीएफएसयू संगठन मिलकर हड़ताल कर रहे हैं।
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छात्रों का कहना है कि कोरोना काल में खाने के दामों को बढ़ाया गया था। उस वक्त सवाल करने पर प्रशासन ने कहा था कि छात्र कम हैं तो मेस के ठेकेदार को नुकसान हो रहा है। उस नुकसान के चलते प्रति थाली 8 से 10 रुपये तक बढ़ाए गए थे। छात्रों को आश्वासन दिया गया था कि हालात ठीक होने पर कीमतें सामान्य कर दी जाएंगी। सामान्य हालात होने पर भी वर्तमान में कीमतों में कोई कमी नहीं आई है।
नहीं मिल रहा कोई स्थायी समाधान
इस मामले में लंबे समय से ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन छात्रों को कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है। छात्र संगठनों का कहना है कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ मैस ठेकेदार के फायदे की बात कर रहे हैं। छात्रों के हित के बारे में कोई नहीं सोच रहा।
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बातचीत
कीमतें सामान्य होने तक जारी रहेगी हड़ताल
जिन हालातों में कीमत बढ़ीं तब हमने इस शर्त पर सहमति जताई कि हालात सामान्य होने पर कीमतें सामान्य कर दी जाएंगी। वर्तमान में सिर्फ हालात सामान्य हुए हैं, कीमतें कम नहीं हुई हैं। जब तक कीमतें कम नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। - हरमनप्रीत सिंह, मीडिया समन्वयक, सथ
ठेकेदार नहीं छात्रों के हित की बात हो
जिस महंगाई का हवाला देकर खाने के दाम बढ़ाए हैं, उसका असर हम पर भी पड़ता है। यह एक पब्लिक यूनिवर्सिटी है। यहां ठेकेदारों के हित की नहीं छात्रों के हित की बात होनी चाहिए।- सोनी, मीड़िया सचिव, एसएफएस
बैठक में सिर्फ छात्रों को समझाने पर जोर दिया
इस मामले में 31 मार्च को प्रशासन और छात्रों के बीच बैठक हुई। इसमें प्रशासन का पूरा ध्यान सिर्फ छात्रों को अपनी बात समझाने पर था। पूरी बैठक के दौरान छात्र हितों की कोई बात नहीं हुई। -अमनदीप, सदस्य, पीएसयू ललकार
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