अमृतसर के मेडिकल कालेज में जनवरी के तीसरे हफ्ते से ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा शुरू हो जाएगी।
यह दावा शनिवार को पीजीआई और पंजाब सरकार के बीच हुए करार के दौरान मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर अनिल जोशी और पीजीआई के अधिकारियों ने किया।
करार के मुताबिक पीजीआई के कार्डियक सर्जरी के विशेषज्ञ अमृतसर के मेडिकल कालेज के डॉक्टरों को प्रशिक्षण देंगे और वहां पर ओपन हार्ट की सर्जरी करेंगे।
यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। पंजाब सरकार ने बताया कि यह अपने किस्म का पहला प्रयोग है। यदि प्रयोग सफल रहा तो उसके बाद अन्य डिपार्टमेंट की बड़ी सर्जरी में पीजीआई के डाक्टरों का सहयोग लिया जाएगा।
अमृतसर के बाद पटियाला के मेडिकल कालेज में भी इस तरह की कोशिश की जाएगी। कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने बताया कि यह तो शुरुआत है।
पंजाब में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट की सैकड़ों पोस्टें भी निकाली गई हैं। सरकार का शिक्षा और चिकित्सा में फोकस है।
पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर और पंजाब सरकार के एडवाइजर डॉ. केके तलवार ने बताया कि पीजीआई में मरीजों का बोझ काफी अधिक है।
इनमें सबसे ज्यादा मरीज पंजाब से आते हैं। अमृतसर के मेडिकल कालेज में कार्डियक सर्जरी के लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, लेकिन एनेस्थीसिया और परफ्यूजनिस्ट के ट्रेंड सर्जन की कमी है।
इस कारण मेडिकल कालेज में ओपन हार्ट की सर्जरी नहीं हो पा रही थी। सुविधा नहीं होने के कारण सारे मरीज पीजीआई आ जाते हैं। इससे सर्जरी की वेटिंग लिस्ट काफी बढ़ जाती है।
यदि ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा अमृतसर में शुरू हो जाएगी तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। करार के तहत समझौता किया गया कि पीजीआई की टीम हर दूसरे हफ्ते मेडिकल कालेज जाएगी और तीन दिन वहां रूक कर डाक्टरों को ट्रेंड करेंगे।
पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर योगेश चावला ने बताया कि पीजीआई के एक तिहाई मरीज पंजाब से आते हैं। इस करार से सीधे फायदा मरीजों को ही मिलेगा।
इस मौके पर पंजाब सरकार की प्रिसिंपल सेक्रेटरी विनी महाजन, पंजाब के रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर डा. तेजबीर सिंह, गर्वमेंट मेडिकल कालेज अमृतसर के डा. करनैल सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।