सेक्टर-26 मंडी की 15 शुल्क पार्किंग का टेंडर 2 करोड़ 21 लाख 21 हजार 121 रुपये में किया गया था। इससे पहले यह टेंडर 61 लाख रुपये में गया था। पिछली कंपनी का टेंडर मार्च में ही खत्म हो गया था लेकिन कोरोना के कारण इसे तीन माह आगे बढ़ा दिया गया था। इस टेंडर के बाद मंडी में काफी बदलाव के लिए भी तैयारी की थी लेकिन विरोध के कारण कुछ नहीं हो सका।
पार्किंग के रेट को लेकर हुआ था बवाल
एक अक्तूबर से नए पार्किंग शुल्क लगना शुरू होना था। पहले ही दिन बवाल शुरू हुआ। जो अगले दिन धरने और मंडी बंदी तक पहुंच गया। दुकानदार व आढ़ती बढ़े हुए पार्किंग शुल्क देने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि इतने बढ़े हुए रेट से दुकानदारों के साथ लोगों को भी समस्या होगी। इसलिए टेंडर खत्म कर नए सिरे से पार्किंग साइट व शुल्क तय होना चाहिए।
18 दिसंबर को है जिला अदालत में सुनवाई
विरोध के बाद तत्कालीन एसडीएम नाजुक कुमार ने टेंडर फ्रिज कर दिया। उसके बाद ठेकेदार मोहम्मद इदरीश ने जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया। जहां उन्होंने डीसी, मार्केट कमेटी और ग्रेन मार्केट एसोसिएशन को पार्टी बनाया। मार्केट कमेटी ने इसे रद्द करने के लिए अपील डाली और वह खारिज हो गई। अब 18 दिसंबर को मामले में फिर से सुनवाई है।
ठेकेदार मोहम्मद इदरीश का कहना है कि नए पार्किंग शुल्क के हिसाब से 45 से 50 प्रतिशत का घाटा होगा। लाइसेंस फीस में एक रुपया भी कम नहीं किया जा रहा है। पार्किंग रेट देखकर ही इतना महंगा टेंडर लिया था। टेंडर के अनुसार साइन बोर्ड बनवाए, इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में सॉफ्टवेयर अपलोड कराया और कैमरा लाइट लगवाई। इन सभी का खर्चा भी उठाना पड़ रहा है। टेंडर की पहली किस्त 66 लाख 66 हजार 136 रुपये भी 2 माह पहले भर दी। इतनी बड़ी रकम का ब्याज चुकाना पड़ रहा है। आखिर कोई सुनवाई क्यों नहीं हो रही।
इतने रेट बढ़ाना ठीक नहीं
ग्रेन मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने कहा कि इतने ज्यादा रेट लगाने से व्यापारियों को क्या बचेगा। 500 रुपये मासिक पास बहुत ज्यादा होता है। रेट बढ़ाना था तो 50 रुपये बढ़ा देते। एक साथ 400 रुपये बढ़ाना कहां जायज है। इसी तरह हर घंटे की पर्ची काटना भी जायज नहीं है। इसलिए इस टेंडर का विरोध किया।
मामला सुलझ गया है
मार्केट कमेटी, ग्रेन मार्केट एसोसिएशन और ठेकेदार के साथ बैठकर मामला सुलझा लिया गया है। अब ठेकेदार अपना केस वापस लेकर जल्द पार्किंग का काम शुरू करेंगे।
पहले ये रेट थे
- साइकिल, स्कूटर : 02
- साइकिल रिक्शा, रेहड़ी, कार : 05
- थ्रीव्हीलर, स्माल फॉर व्हीलर : 20
- ट्रक : 50
- दुकानदारों का मासिक रेट : 100 रुपये प्रति माह
टेंडर के बाद ये रेट लागू हुए
- साइकिल, स्कूटर : 05
- साइकिल रिक्शा, रेहड़ी और कार : 10
- तिपहिया वाहन : 20
- छोटे चौपहिया वाहन : 10
- छोटा और बड़ा ट्रक : 50 रुपये पहले तीन घंटे के लिए
- छोटा और बड़ा ट्रक (कामर्शियल) : 100 रुपये पहले तीन घंटे के लिए
- दुकानदारों के कार का मासिक पास : 500
- दुकानदारों के स्कूटर का मासिक पास : 300
नोट : हर 2 घंटे में बढ़ने थे पार्किंग के रेट
बैठक के बाद यह हुआ अब बदलाव
- साइकिल, बाइक : 10 रुपये
- कार : 20 रुपये
- बड़े ट्रक : 175 रुपये
- छोटे ट्रक : 100 रुपये
- रेहड़ी व रिक्शा : 20 रुपये (25 रुपये दिन का पास)
- तिपहिया, कैब : 20 रुपये (50 रुपये दिन का पास)
- दुकानदारों के कार का मासिक पास : 250
- दुकानदारों के स्कूटर का मासिक पास : 150