एफआईआर दर्ज बरवाने के लिए थाने के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। कम पढ़े-लिखे लोग भी साइबर कैफे पर जाकर एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।
जीईओ मैस में रविवार को सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के जरिए ‘हर समय’ पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पुलिस ने हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और जींद जिले के साइबर कैफे संचालकों को ट्रेनिंग दी है।
ट्रेनिंग के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना, शिकायत देने वाले व्यक्ति की आईडी तैयार करना आदि जानकारी दी। रेंज के पांचों जिलों से 32 कैफे संचालकों ने ट्रेनिंग ली है।
पुलिस का यह पायलेट प्रोजेक्ट हिसार से शुरू किया गया है, जिसमें हिसार रेंज के पांच जिलों के बाद इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
ऑनलाइन आरटीआई मांग सकेंगे यूजर
सॉफ्टवेयर में आरटीआई का भी कॉलम है। जिसके जरिए यूजर ऑनलाइन ही आरटीआई मांग सकेंगे। इसमें अप्लाई करते समय यह डेबिट कार्ड, ऑनलाइन बैंकिंग सहित अन्य माध्यमों से पेमेंट का ऑप्शन भी मांगेंगे। बीपीएल धारकों को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। उन्हें अपने बीपीएल कार्ड को स्कैन कर आवेदन के साथ अटैच करना होगा।
व्हाट्स-एप ग्रुप के जरिए जुड़ेंगे पुलिस से
आईजी अनिल राव ने ट्रेनिंग के दौरान साइबर कैफे संचालकों को कहा कि वे पुलिस के व्हाट्स-एप ग्रुप से जुड़ें, दिनभर में जो भी शिकायतें वे ऑनलाइन दर्ज करें, व्हाट्स-एप उनका स्टेटस अप्लोड करें। कहीं सॉफ्टवेयर समझने में दिक्कत हो तो एक-दूसरे साथी से व्हाट्स-एप के जरिए समाधान अथवा सहयोग भी लिया जा सकेगा।
48 घंटे में होगी कार्रवाई
आईजी अनिल राव ने बताया कि ‘हर समय’ पर शिकायत दर्ज करवाने वालों की मैनुअल शिकायत देने वालों की बजाए जल्दी सुनवाई होगी। पुलिस ऑनलाइन दर्ज हुई शिकायत पर तुरंत एक्शन लेगी। ऐसी शिकायत पर 48 घंटे में एक्शन होगा।
स्टेटस भी जान सकेंगे ऑनलाइन
अपनी शिकायत का ऑनलाइन स्टेटस भी जान सकेंगे। इंटरनेट या कैफे के जरिए दर्ज की गई शिकायत का एक एनरोलमेंट नंबर मिलेगा। यूजर नेम और पासवर्ड दिया जाएगा। शिकायतकर्ता इस यूजर नेम और पासवर्ड के जरिए अपनी शिकायत का स्टेटस भी जान सकेंगे।
45 दिन में 100 शिकायतें, 50 पर एक्शन
डीआईजी सौरभ सिंह ने बताया है कि अभी तक हिसार जिले की 100 शिकायतें आई हैं। एक जनवरी 2015 से हर समय शुरू हुआ था। अभी लोगों में जागरुकता की कमी है। धीरे-धीरे लोग इसके बारे में जान रहे हैं, जिसमें 50 प्रतिशत पर एक्शन हो चुका है।
अब मुंशी की धौंस नहीं, न ही लेन-देन का चक्कर
आईजी अनिल राव ने चुटकी लेते हुए कहा कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी। उन्होंने हंसते हुए कहा कि अब मुंशी की धौंस नहीं चलेगी, न ही वह शिकायत दर्ज करवाने की एवज पर रुपये मांगेंगे।