पंजाब यूनिवर्सिटी अब 20 की जगह 40 विद्यार्थियों को पीएचडी स्कॉलरशिप देगा। रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए पीयू प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इसका लाभ इसी शैक्षिक सत्र से मिलने लगेगा। पीयू प्रशासन का कहना है कि रिसर्च करने वाले विद्यार्थी अधिक से अधिक आ सकेंगे।
पंजाब यूनिवर्सिटी काफी समय से रिसर्च को बढ़ावा दे रहा है। रिसर्च के जरिये पीयू की छवि भी अच्छी रही है। यहां के विज्ञान संकाय की मान्यता विदेशों में भी है। विदेशी विद्यार्थी भी यहां शिक्षा पाने के लिए आ रहे हैं। रिसर्च का इंपैक्ट फैक्टर काफी अधिक रहा है। यहां के वैज्ञानिकों को विदेशी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय व्याख्यानों में बुलाते हैं। इसके जरिये पीयू का परसेप्शन भी ठीक हो रहा है।
रिसर्च में अधिक से अधिक विद्यार्थी आएं, इसी को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने की योजना है। पीयू पहले हर साल 20 पीएचडी अभ्यर्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान करता आ रहा है, लेकिन इस बार बढ़ाकर 40 संख्या कर दी है। दोगुने अभ्यर्थियों को इससे लाभ मिलेगा। इससे पीएचडी स्कॉलर्स में भी खुशी की लहर है।
200 से अधिक विद्यार्थी हर साल पीयू में करते हैं पीएचडी
पीयू हर साल पीएचडी के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। इसके लिए हजारों अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। इसी में से सीटों के मुताबिक अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक पीयू हर साल लगभग 200 लोगों को पीएचडी करवाता है। इसी में से अव्वल अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को स्कॉलरशिप दी जाती है। हर साल 20 लोगों को स्कॉलरशिप मिलती है।
अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के कारण अब संख्या बढ़ाई जा रही है। मालूम हो कि रिसर्च को लेकर पिछले एक साल तेजी से कार्य चल रहा है। रूसा के तहत 50 करोड़ रुपये का फंड 140 प्रोजेक्ट के लिए मिला है। इसमें अधिकांश रिसर्च से जुड़े हैं। ऐसे में यह काम पूरे होंगे तो पीयू का परसेप्शन और भी बेहतर होगा।
पीयू के फिजिक्स विभाग, यूआईपीएस, रसायन विज्ञान विभाग आदि की अपनी अलग साख है। इन विभागों की रैंकिंग भी दुनियाभर में जानी जाती है।