‘अधिकारी अपनी लापरवाही लोगों पर थोप रहे’
उधर, इस कार्रवाई के बाद आप नेता व सोसायटी ग्रुप के सलाहकार संदीप भारद्वाज ने कहा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ के पिछड़ने का कारण शहर के नाकाम मेयर और अफसर हैं। उनकी वजह से ही सिटी ब्यूटीफुल देशभर में 66वें नंबर पर पहुंच गया है। ऐसे में नगर निगम को सबसे पहले मेयर रविकांत शर्मा और नगर निगम कमिश्नर आनिंदिता मित्रा के दफ्तर के बाहर नॉन-कंप्लांयस अफसर के बोर्ड लगाने चाहिए। संदीप ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी लापरवाही का ठिकरा लोगों पर फोड़ रहे हैं। अगर प्रशासन या नगर निगम का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी चारों सोसायटियों को बदनाम करने के लिए इनके गेट पर कोई बोर्ड लगाएगा तो विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी देंगे।
‘तानाशाह की तरह काम कर रहे अधिकारी’
नोटिस जारी होने के बाद सेक्टर-50 की बीएसएनएल सोसाइटी के प्रधान एसके शर्मा ने कहा कि अधिकारी तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। सिर्फ चार सोसायटियों से शहर की रैंकिंग कैसे गिर सकती है। हमारी सोसायटियों पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी हमसे बातचीत तो करते नहीं, न समस्याओं का समाधान करते हैं। सिर्फ आदेश सुनाने से बदलाव नहीं आएगा। हम भी चाहते हैं चंडीगढ़ नंबर-1 रहे। नगर निगम को लोगों को जागरूक करना चाहिए ताकि लोग भी भागीदारी निभा सकें।
‘हम भी चाहते हैं चंडीगढ़ नंबर-1 बने, मदद करे नगर निगम’
सेक्टर-49 की पुष्पक सोसाइटी के प्रधान अनिल ने कहा कि नगर निगम हमारे साथ सौतेला व्यवहार न करे। हम भी चाहते हैं कि चंडीगढ़ स्वच्छ सर्वेक्षण में पहले नंबर पर आए। इसके लिए नगर निगम और हम लोगों को मिलकर काम करना होगा। नगर निगम हमें सुविधाएं मुहैया कराए, हमारी मदद करे। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है तभी शहर को एक बार फिर सामूहिक प्रयास से नंबर एक बनाया जा सकेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
चंडीगढ़ की कुछ सोसायटियों में देखा गया कि ठोस कचरा निस्तारण नियमानुसार नहीं हो रहा। इस संबंध में उन्हें चेतावनी जारी कर सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी कचरे का निस्तारण नियमानुसार नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। - देबेंद्र दलाई, चेयरमैन, सीपीसीसी