बरगाड़ी बेअदबी मामले के संबंध में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट और पंजाब सरकार की तरफ से दायर प्रोटेस्ट पिटीशन की सुनवाई वीरवार को सीबीआई की विशेष अदालत में हुई। इस मौके पर पंजाब सरकार ने सरकारी वकील के माध्यम से अदालत में एक अर्जी दायर करके सीबीआई की कारगुजारी पर प्रश्न चिह्न लगाया। साथ ही उन्होंने जांच एजेंसी पर गुमराह करने का आरोप लगाया। अदालत ने सीबीआई नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक लिखित रूप में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
सरकारी वकील संजीव बतरा ने अदालत में कहा कि तीन साल से यह मामला सीबीआई के पास था, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद पिछले साल 28 अगस्त को पंजाब विधानसभा की तरफ से बेअदबी के मामले में सीबीआई से जांच वापस लेने का प्रस्ताव पास किया था। प्रस्ताव पास होने के अगले दिन ही पर्सोनल विभाग के माध्यम से सीबीआई को पत्र भेजा गया था। इसके बाद बेअदबी मामले से संबंधित थाना बाजाखाना में दर्ज किए गए केसों की जांच करने की सीबीआई को दी सहमति वापस लेने के बारे में छह सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया था।
इसके बाद बाकायदा सीबीआई को दो और चिट्ठियां लिखी गई थी लेकिन जांच एजेंसी ने सरकार को केस वापस नहीं किया। साथ ही कोई दस्तावेज भी पेश नहीं किया गया। इसके बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी। वहीं, अब सीबीआई फिर जांच करने के लिए कह रही है। वकील संजीव बतरा ने कहा कि सीबीआई बताए कि सरकार की नोटिफिकेशन की कॉपी, पंजाब सरकार का पत्र और दो रिमांडर उन्हें मिले है या नहीं।
अदालत ने इसके बाद सीबीआई को 30 सितंबर तक लिखित रूप में अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। वहीं जिला बठिंडा के रामपुरा फूल के पूर्व विधायक व एंटी करप्शन पार्टी पंजाब के कन्वीनर हरबंस सिंह जलाल शुक्रवार को दोबारा निजी रूप में अदालत में पेश हुए। उन्होंने अर्जी दायर करने की कोशिश की लेकिन अदालत ने इससे मना कर दिया। साथ ही कहा कि पहले निचली अदालत में जाएं। अगर वहां सुनवाई नहीं होती है तो फिर इस अदालत की शरण लें।