चंडीगढ़ पर सिर्फ पंजाब का हक
वहीं बैठक में चंडीगढ़ को सिर्फ पंजाब की राजधानी बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। सीएम मान ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब के गांवों को उजाड़ कर बनाया गया है। पंजाब की राजधानी के तौर पर चंडीगढ़ का दर्जा बहाल किया जाए और पंजाब की लंबे समय से लटकी मांग को पूरा किया जाए।
पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब की विरासत
वहीं मीटिंग में हरियाणा ने अपने कॉलेजों को पीयू से मान्यता देने का मुद्दा उठाया जिसे मुख्यमंत्री मान ने सिरे से खारिज किया। मान ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी हमारी विरासत है। 50 साल से हरियाणा ने कोई मान्यता नहीं ली अब ऐसे क्या हालात बदल गए कि मान्यता की जरूरत है। मान ने कहा कि मेरी अपील है कि इस मसले को आगे के लिए भी खत्म समझा जाए। एनजेडसी की मीटिंग के एजेंडे से भी इसको हटा दिया जाए। सीएम ने कहा कि हमने पंजाब यूनिवर्सिटी के वित्तीय घाटे को दूर किया। हमने ग्रांट-इन-एड को बढ़ाकर 94.13 करोड़ रुपये कर दिया। यूनिवर्सिटी में नए हॉस्टल के लिए हमने फंड जारी किया। मान ने मांग की कि केंद्र सरकार भी यूजीसी पे-स्केल का फंड जारी करे।
सीएम भगवंत मान ने किया सम्मानित
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 31वीं बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा और दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना को सम्मानित किया।
बैठक में पंजाब ने उठाए यह मुद्दे
एसवाईएल की बजाय वाईएसएल का हो निर्माण।
चंडीगढ़ को अधिकृत तौर पर पंजाब के हवाले किया जाए।
बकाया आरडीएफ और सीसीएल का मामला सुलझाया जाए।
ट्रैवल एजेंटों का रजिस्ट्रेशन राज्यों के अधिकार में दिया जाए।
बीबीएमबी में 2022 से पहले की व्यवस्था बहाल की जाए।
पठानकोट में प्रस्तावित एनएसजी सेंटर जल्द बनाया जाए।
ड्रोनों के खतरे के मद्देनजर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाए।
पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वरूप में बदलाव का सख्त विरोध।
बाढ़ राहत संबंधी केंद्रीय नियमों को सुधारने की वकालत।
राज्य को और अधिक वित्तीय व राजनीतिक शक्तियां देने की मांग।
शानन प्रोजेक्ट पर हिमाचल के दावे का विरोध।