चंडीगढ़ में साइकिल चालकों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनेगा। आठ किमी के इस ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण लेजर वैली से लेकर मोहाली सीमा तक आठ किमी के दायरे में किया जाएगा। मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर यह योजना बनाई गई है। इससे जहां साइकिल चालकों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं आपातकालीन वाहनों के लिए भी इस मार्ग का उपयोग किया जा सकेगा। शहर को साइकिल फ्रेंडली बनाने के लिए इस पायलट प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर उत्तर भारत का पहला ग्रीन कॉरिडोर होगा जो विशेष रूप से साइकिल के लिए बनाया जा रहा है।
चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया ने बताया कि अभी जो साइकिल ट्रैक बने हैं, वह शहर के कोनों को छूते हुए निकल रहे हैं। अब इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के मध्य भाग के लिए भी एक नई योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत ही ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है। चंडीगढ़ में मरीजों को लाने और प्रत्यारोपण के लिए अंगों को बाहर भेजने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की आवश्यकता होती है। इस ट्रैक के बनने से इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर से सिर्फ एक मैसेज सभी चौराहों पर देना होगा। इसके बाद वहां मौजूद ट्रैफिककर्मी अलर्ट हो जाएंगे और ग्रीन कॉरिडोर से वाहन को सीधा निकाल दिया जाएगा। आईटी पार्क में चल रहे साइकिल फॉर चैलेंज के अंतर्गत यह जानकारी चीफ आर्किटेक्ट ने दी।
सेक्टर-3 से शुरू होकर सात सेक्टरों से गुजरेगा
प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर 7 सेक्टरों की वी3 सड़कों से होकर गुजरेगा। सेक्टर-3 स्थित लेजर वैली से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद सेक्टर-10, 16, 23, 36, 42 से होते हुए यह सेक्टर-53 तक पहुंचेगा। इसके बाद मोहाली शुरू हो जाता है।
साइकिल ट्रैक और साइकिल एक नजर में
- 210 किमी का साइकिल ट्रैक है चंडीगढ़ में
- 22 करोड़ रुपये लगभग खर्च किए हैं साइकिल ट्रैक बनाने में
- 7 किमी का लगभग साइकिल ट्रैक हल्लोमाजरा से जीरकपुर के लिए बन रहा है
- 2500 साइकिलें फिलहाल स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रहीं हैं
- 5000 हजार साइकिलें चार फेज में चलानी हैं शहर में
साइकिल सवारों की यात्रा को सुरक्षित बनाएगा ग्रीन कॉरिडोर
इस साल जारी हुई नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में प्रति 10 लाख आबादी के आधार पर साइकिल चालकों के लिए चौथा सबसे खतरनाक शहर चंडीगढ़ माना गया है। इस साल सड़क हादसों में 17 साइकिल चालकों की मौत हुई है। चंडीगढ़ से ऊपर दिल्ली, दूसरे पर गुजरात का बड़ोदरा और तीसरे नंबर पर कोलकाता है। ऐसे में यह ग्रीन कॉरिडोर साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित रहेगा।
शहर को साइकिल फ्रेंडली बनाने के लिए मास्टर प्लान 2031 के तहत यह योजना बनाई गई है। इससे आपातकालीन वाहनों को निकालने में भी मदद मिलेगी।
- कपिल सेतिया, चीफ आर्किटेक्ट, यूटी प्रशासन