2017 से नोडल अधिकारी थे गोयल, दो बार हटाने की सिफारिश पर भी नहीं हुई कार्रवाई
विभाग में इतना बड़ा घोटाला होने और सरकार की फजीहत कराने के बाद आखिरकार आईसीडीपी योजना के नोडल अधिकारी नरेश गोयल को सात साल के बाद इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया। गोयल को 2017 में यह जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, इससे पहले रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से घोटाला सामने आने के बाद 31 जून, 2023 और 3 अगस्त को पद से हटाने की सिफारिश की थी। हालांकि, दोनों बार उच्चस्तरीय अधिकारियों ने इस पर सवाल उठाते हुए फाइल को वापस कर दिया।
घोटाले का पैसा भेजा विदेश, खुद भी भागने की थी तैयारी
घोटाले की आरोपी एआर अनु कौशिश और कंपनी के ठेकेदार स्टालियन जीत कनाडा और दुबई भागने की फिराक में थे, हालांकि, इससे पहले ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एआर अनु कौशिश की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और बताया जा रहा है कि वह लग्जरी जीवन जीने की शौकीन है। एसीबी की जांच में खुलासा हुआ है कि स्टालियन जीत सिंह की बैंटम इंडिया लिमिटेड कंपनी की शाखा कनाडा में भी है। इसी कंपनी के जरिए घोटाले की मुख्य आरोपी अनु कौशिश ने रिश्वत का पैसा कनाडा भेजा।
अनु की बहन कनाडा में रहती है और उसी ने अनु के दुबई में रहने का बंदोबस्त किया था। आरोप है कि अनु कौशिश ने किसानों के लिए आई रकम फर्जी खरीद की आड़ में अपने करीबियों की कंपनी में ट्रांसफर कर दी। इसके बाद कंपनियों से उनके परिवार को उनका हिस्सा रिश्वत के तौर पर दिया गया। आरोपी स्टालिन भी अपने पूरे परिवार को पहले ही कनाडा भेज चुका है।