शहर में अभी मेट्रो और मोनो रेल को लेकर चर्चाएं चल ही रही थीं कि वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में स्काई बस चलाने का वादा भाजपा की तरफ से कर दिया गया। चुनाव से पहले किरण खेर के लिए प्रचार करने चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मई 2019 में कहा कि शहर में ट्रैफिक की समस्या काफी बढ़ गई है। किरण खेर जीतेंगी तो चंडीगढ़ में डबल डेकर स्काई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इससे शहर की खूबसूरती भी बची रहेगी और प्रदूषण भी नहीं होगा। इस कार्यक्रम में ट्रिब्यून फ्लाईओवर के लिए भी खेर ने अपनी पीठ थपथपाई थी। हालांकि आज तक न फ्लाईओवर बना और स्काई बस का तो कोई नामोनिशान भी नहीं है। हकीकत ये है कि सरकारी फाइलों में तो स्काई बस का कहीं जिक्र भी नही है।
मेट्रो को खारिज करते हुए सांसद खेर ने किया था ये दावा
जुलाई 2014 में प्रशासकीय के सलाहकार परिषद की बैठक में सांसद किरण खेर ने कहा था कि चंडीगढ़ का मिजाज और बनावट मेट्रो रेल के अनुकूल नहीं है। इसकी जगह अगर यहां मोनो रेल चलाई जाए तो शहर के लोगों को काफी सहूलियत होगी। उन्होंने अपने कार्यकाल में ही मोनो रेल चलाने का वादा कर दिया था। कहा था कि शहर में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या है, लेकिन चंडीगढ़ जैसे शहर के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट बेहतर नहीं है। उन्होंने ट्रिब्यून फ्लाईओवर की भी वकालत की लेकिन वह भी आजतक पूरा नहीं हुआ है। आलम ये है कि अब शहर की उन सड़कों पर भी जाम लग रहा है, जहां कभी इक्का-दुक्का गाड़ियां दिखती थीं।
मेट्रो के लिए हमने काम भी शुरू करा दिया था। मेट्रो प्रोजेक्ट सिर्फ चंडीगढ़ के लिए नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों के लिए भी था। भाजपा के लोग अन्य राज्यों की मेट्रो की तारीफ करते हैं, लेकिन चंडीगढ़ के मामले में उनकी सोच बदल जाती है। शहर में ट्रैफिक बढ़ता जा रहा है। ये समस्या अब सिर्फ चंडीगढ़ की नहीं रह गई है। मेट्रो पड़ोसी इलाकों की जरूरतों को भी पूरा करता है।
-पवन कुमार बंसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री
शहर में यातायात की समस्या को दूर करने के लिए अब गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने एक सकारात्मक कदम उठाया है। जरूरत है कि वर्तमान की जरूरतों को देखते हुए ही योजना बनाई जाए। सभी विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए और लोगों की जरूरत और चंडीगढ़ के लिए क्या बेहतर हो सकता है, उसी के आधार पर चंडीगढ़ में कोई भी परियोजना शुरू होनी चाहिए।
- अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
चंडीगढ़ से सटे इलाकों में ज्यादा निर्माण कार्य हो रहा है। अपने काम व नौकरी के लिए पंजाब-हरियाणा से रोजाना हजारों लोग चंडीगढ़ आते हैं, इसलिए सिर्फ चंडीगढ़ के लिए मोनो रेल कारगर नहीं होगी। मेट्रो योजना पंजाब-हरियाणा की सहमति से बनी थी। इसके अलावा सीटीयू बस, साइक्लिंग आदि को प्रोत्साहित करना होगा। योजना भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। गुजरते समय के साथ देर हो रही है, इसलिए ट्राइसिटी को देखते हुए योजना पर काम शुरू कर देना चाहिए। - सुमित कौर, पूर्व चीफ आर्किटेक्ट, चंडीगढ़ प्रशासन