पंजाब नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राज्य में राशन कार्ड की सरदारी खत्म कर दी है। पंजाब में अब लोगों की मांग पर राशन कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, क्योंकि राशन कार्ड कानूनी दस्तावेज नहीं माना जाएगा। इसे रिहायश या अन्य सुबूत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक रजनीश कुमारी ने अधिसूचना जारी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि राशन कार्ड केवल राशन डिपो से वस्तुएं प्राप्त करने के मकसद से ही जारी किया जाता था, लेकिन लोग इसे अन्य कामों में पहचान पत्र के तौर पर प्रयोग कर रहे थे।
सिविल सप्लाई विभाग की वितरण ब्रांच द्वारा जारी पत्र-3 एफसीडी (1647)-2014 /2218 तिथि 29 सितंबर से राज्य के सभी विभागों, हाईकोर्ट, पुलिस प्रमुख, जिला पुलिस मुखियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। अब यह कार्ड कानूनी दस्तावेज नहीं रहा और न ही रिहायशी सुबूत या किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। भविष्य में यह जारी भी नहीं किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा बिल के तहत लिया फैसला
सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट की तर्ज पर यह फैसला लिया है। इससे पहले पंजाब में राशन कार्ड को 3 कैटेगरी- एपीएल, बीपीएल और अंतोदय अनाज योजना (एएवाई) में बांटा गया था। इनमें से अब एपीएल कैटेगरी खत्म कर दी गई है।
विभाग ने 27 जून, 2000 को सभी जिला आयुक्तों को यह पत्र लिखा था कि राशन कार्ड सिर्फ डिपुओं से राशन लेने के लिए ही जारी किए जाते हैं। बावजूद इसके इसका उपयोग अदालती कामों के साथ-साथ रिहायशी सबूत के तौर पर किया जा रहा था। बैंक और अन्य विभागों भी आम लोगों से राशन कार्ड की मांग करते थे।