कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी की पंजाब में होने वाली चुनावी रैलियों को लेकर बुधवार को भी असमंजस बना रहा। पंजाब प्रभारी शकील अहमद ने चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग की।
बाद में पंजाब में कई इलाकों का दौरा भी किया। संभावित रैलियों का शिड्यूल बनाकर केंद्रीय कैंपेन कमेटी को भेज गया गया है। लेकिन कमेटी ने बुधवार रात तक कुछ फाइनल नहीं किया था।
सोनिया गांधी का प्रस्तावित दौरा 26 अप्रैल को है। चुनाव आयोग की हिदायतों के मुताबिक रैली की परमिशन लेने के लिए कम से कम 48 घंटे पहले अप्लाई करना होता है।
वहीं, सोनिया गांधी की रैली के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम होते हैं। जिनकी देखरेख एसपीजी करती है। उसके लिए भी पहले से सूचित करना होता है। ऐसे में सोनिया गांधी की रैलियों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस को हर हालत में वीरवार सुबह तक प्रोग्राम फाइनल करना पड़ेगा। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बठिंडा दौरे में भी कम अड़चनें नहीं आ रही हैं। यहां से कांग्रेस-पीपीपी उम्मीदवार मनप्रीत बादल के समर्थकों ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझ कर राहुल की रैली में अड़ंगा डाल रही है।
पहले एक आजाद उम्मीदवार से उसी दिन रैली की परमिशन अप्लाई करवा दी गई। फिर कांग्रेस को इजाजत मिल गई। अब नरेंद्र मोदी की रैली में जिस कंपनी ने टेंट लगाया है, कांग्रेस ने भी उसकी को जिम्मेदारी दे दी।
ताकि नए सिरे से टेंट लगाने में समय न बर्बाद हो। मनप्रीत समर्थकों का आरोप है कि प्रशासन उसे टेंट उखाड़ने के लिए दबाव डाल रहा है।