दरअसल, जेल विभाग ने उक्त सभी कदम उच्च न्यायालय द्वारा पिछले महीने एक मामले में जारी आदेश के तहत उठाने शुरू किए हैं। अदालत ने ही निर्देश दिए थे कि जेलों में हाई सिक्योरिटी जोन, जहां गैंगस्टर और दुर्दांत कैदियों को रखा जाता है, तक जेल की बाहरी दीवार से मोबाइल फोन आदि अंदर फेंकने की घटनाओं की रोकथाम के लिए हाई सिक्योरिटी जोन के खाली हिस्से को तार की जाली से ढका जाए। अगर खाली हिस्सा काफी बड़ा है तो तार की जाली के ढके जाने वाले क्षेत्र में ही दुर्दांत कैदियों को लॉकआउट के दौरान जाने की इजाजत दी जाए।
इसके अलावा, हाई सिक्योरिटी जोन में कैदियों और जेल स्टाफ के बीच किसी गठजोड़ को पनपने से रोकने के लिए स्टाफ को समय-समय पर बदला जाए। जेल विभाग ने इस संबंध में सभी जेलों को आदेश जारी कर दिए हैं। हाई सिक्योरिटी जोन में बंद कैदियों को कपड़े, चप्पल, बिस्तर आदि सभी वस्तुएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिस पर राज्य सरकार ने फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। इस बीच, जेल विभाग ने हाई सिक्योरिटी जोन में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था लागू कर दी है, ताकि दुर्दांत कैदियों को अदालत ले जाने की जरूरत न पड़े।