फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुरी खबरः अब पीजीआई चंडीगढ़ के सामने नहीं दिखेगी नाइट फूड स्ट्रीट, नगर निगम ने कर लिया कब्जा

Thu, 14 Mar 2019 09:57 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
नाइट फूड स्ट्रीट
विज्ञापन
बुरी खबर, अब रात में पीजीआई चंडीगढ़ के सामने नाइट फूड स्ट्रीट की रौनक देखने को नहीं मिलेगी, क्योंकि इसे हटवाकर नगर निगम ने जगह पर कब्जा कर लिया है। ऐसे में पीजीआई में मरीजों का इलाज कराने को आने वाले तीमारदारों और युवाओं खासकर पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को अब रात में खाना खाने के लिए कहीं और जाना पड़ेगा।
विज्ञापन


बुधवार को नगर निगम ने एकाएक अपने पुराने फैसले को रद्द कर पीजीआई के सामने खुली नाइट फूड स्ट्रीट को खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया। फिर आधे घंटे के भीतर दुकानों को हटवाकर इसे खाली भी करवा दिया और कब्जे में ले लिया। नगर निगम की इन्फोर्समेंट विंग ने खाली जगह को जेई के हवाले भी कर दिया है।

निगम की इस कार्रवाई को देखकर दुकानदारों और यहां काम करने वाले लोग भी हैरान रह गए। दुकानदार निगम के अधिकारियों से दो दिन की मोहलत देने की मांग करते रहे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। कुछ ही देर में सभी दुकानों का सामान बाहर सड़क पर निकाल दिया गया।
विज्ञापन

पहले एक्सटेंशन दी और फिर निरस्त कर दी

जानकारी के मुताबिक, नाइट फूड स्ट्रीट में चार स्टॉल नगर निगम की ओर से अलॉट किए गए थे, जिसके संबंध में निगम का आवंटियों से अनुबंध भी हुआ था। अनुबंध की अवधि समाप्त होने पर निगम की बैठक में बीती 15 फरवरी को दो साल के लिए 10 प्रतिशत किराये में बढ़ोतरी की गई।

साथ ही अनुबंध अवधि को और दो साल के लिए बढ़ा दिया गया था। चारों स्टॉल मालिकों को निगम ने इसकी बाकायदा कॉपी तक सौंपी थी। निगम की 293वीं मासिक बैठक में एक मार्च 2019 से 28 फरवरी 2021 तक के लिए एक्सटेंशन दी गई थी, लेकिन 296वीं मासिक बैठक से पूर्व 25 फरवरी को हुई एफएंडसीसी की बैठक में इस अनुबंध को निरस्त कर दिया गया।

इस बैठक में फैसला लिया था कि नाइट फूड स्ट्रीट को खाली करवाकर नए सिरे से ई-टेंडर करके अलॉट किया जाएगा। इसका जिक्र निगम की ओर से चस्पा किए गए नोटिस में भी किया गया है। उक्त नोटिस पर कार्रवाई की तारीख 12 मार्च थी, लेकिन इसे अधिकारियों की ओर से 13 मार्च को चस्पा किया गया।
विज्ञापन

आवंटियों ने दुकानों को डबल किराये पर कर रखा था सबलेट

इस बारे में मेयर राजेश कुमार कालिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त नाइट फूड स्ट्रीट को अलॉटियों ने दुकानदारों को सबलेट कर दिया था। वे दूसरे दुकानदारों से निगम की ओर से तय किराये से डबल किराया वसूल रहे थे। इसके अलावा इनके खिलाफ तय खाने के रेट से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें लोगों से आ रही थीं। इन सभी बातों को देखते हुए निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने यह फैसला किया था, जिसके तहत आज कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उक्त फूड स्ट्रीट अब ई-टेंडर करके अलॉट की जाएगी।

दुकानदार बोले- हमारे साथ भद्दा मजाक  
वहीं, दुकानदारों ने बताया कि वह पहले 66550 रुपये किराया दे रहे थे जो दस प्रतिशत बढ़ाने के बाद 78529 रुपये कर दिया गया था, जिसे वह देने को तैयार थे। लेकिन एक्सटेंशन को रद्द करना उनकी समझ से बाहर है। इन चार दुकानों को चलाने वाले दीपक, प्रिंस, अभिषेक ने बताया कि उनके साथ भद्दा मजाक हुआ है।

वह तो अपनी दिनचर्या के अनुसार ग्राहकों की मांग को देखते हुए खाद्य पदार्थ लेकर आए थे, जो आज सब बेकार हो गया। निगम की इस कार्रवाई से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं उनके पास करने वाले लोग भी बेरोजगार हो गए हैं। बता दें कि उक्त नाइट फूड स्ट्रीट का शुभारंभ नगर के पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल ने वर्ष 2008 में प्रदीप छाबड़ा के मेयर कार्यकाल में किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें