भारत कनाडा का चौथा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा का बाजार है, जिसमें सबसे अधिक पंजाबी मूल के लोग यात्रा करते हैं। लेकिन कनाडा सरकार ने जो समझौता किया है, उसमें पंजाब व चंडीगढ़ को दरकिनार कर दिया है। हालांकि एसजीपीसी से लेकर सीएम मान और आप के सांसद विक्रमजीत साहनी मांग कर रहे थे कि कनाडा से सीधी फ्लाइट्स अमृतसर तक चलाई जाएं लेकिन दो दिन पहले हुए समझौते में बंगलूरू, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई तक सीधी फ्लाइट्स शुरू करने पर सहमति जताई गई है। यह फ्लाइट्स सीधी टोरंटो, मॉन्ट्रियल, एडमिंटन, वेंकूवर तक जाएगी।
कनाडा के मंत्री उमर अलगाहबरा का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच सकारात्मक विकास है। भारत-कनाडा एयर ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट के कारण पंजाब के लिए सीधी फ्लाइट शुरू कर पाना विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते पंजाब आने वालों की मांग लगातार लंबित होती जा रही थी।
इसी बीच रॉयल कनाडा एयरलाइंस के प्रेसिडेंट वसीम जावेद ने घोषणा की थी कि मिडिल ईस्ट के लिए जल्द ही उड़ान शुरू किए जाने की योजना है। इसके लिए कंपनी द्वारा पंजाब की एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ संपर्क किया जा रहा है। शुरुआत में टोरंटो से अमृतसर, चंडीगढ़ व पाकिस्तान के लाहौर के लिए फ्लाइट चलाने की योजना थी। भविष्य में इस योजना के तहत वेंकूवर सहित कनाडा के प्रमुख शहरों से भी पंजाब के लिए चार्टर्ड फ्लाइट शुरू करने का खाका तैयार किया जा रहा था, लेकिन दो दिन पहले हुए समझौते ने पानी फेर दिया है। इससे पंजाबियों में मायूसी छा गयी है। इसे लेकर कनाडा व पंजाब में रोष पैदा हो रहा है।
कनाडा में बसे पंजाबियों से धोखा: सहोता
वेंकूवर के प्रसिद्ध लेखक गुरप्रीत सिंह सहोता ने कहा कि चंडीगढ़ और अमृसर से हवाई सेवा शुरू न किया जाना कनाडा में बसे पंजाबियों से धोखा है। वहीं राज्यसभा सांसद साहनी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक पत्र लिखकर टोरंटो, वेंकूवर और मोंट्रियल से अमृतसर और मोहाली हवाई अड्डों के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने की अपील की है।
गुरुनगरी का अपमान
एसजीपीसी ने ट्वीट कर कहा कि पंजाबी और एसजीपीसी लंबे समय से अमृतसर से कनाडा के लिए उड़ानें शुरू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसे नजरंदाज किया जा रहा है जो गुरु नगरी श्री अमृतसर का अपमान है। एसजीपीसी ने 30 मार्च, 2022 को अपने बजट सत्र में प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार को भेजा था कि कनाडा से श्री अमृतसर के लिए सीधी उड़ान शुरू की जाए।