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PM मोदी डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, पर यहां तो उसका बाजा बज गया

Mon, 08 May 2017 10:18 AM IST
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़
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डिजिटल इंडिया - फोटो : twitter
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एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का डंका बजा रहे हैं और दूसरी ओर चंडीगढ़ में डिजिटल इंडिया का बैंड बज चुका है। शहर के कई ई-संपर्क सेंटरों में न रेल टिकट का प्रबंध है, न पासपोर्ट और न ही वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की सुविधा। हालात ये हैं कि कई बार तो घंटों लाइन में लगकर भी लोग परेशान ही होते हैं। जबकि यूटी प्रशासन द्वारा ई संपर्क  सेंटरों में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया हुआ है, हालांकि यह सफल नहीं हो पाया।
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बता दें कि चंडीगढ़ में 42 ई-संपर्क सेंटर हैं। इनमें तीन साल पहले जनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी थीं। वहीं सेक्टर-7 स्थित ई-संपर्क सेंटर में ट्रायल बेस पर रेल टिकट की सुविधा भी शुरू की गई थी पर यह भी आगे नहीं बढ़ सकी। इस सुविधा को देने का उद्देश्य यह था कि पब्लिक को उनके सेक्टरों में ही सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि इस मामले में एमओयू रिवाइव किया जा चुका है।

चंडीगढ़ के ई-संपर्क सेंटरों में पासपोर्ट का प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाना था, लेकिन घोषणा के बाद ये भी ठप पड़ गया। इस प्रोजेक्ट के संबंध में चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी कहते हैं कि पासपोर्ट विभाग को इसके लिए लिंक देना था, जोकि अब तक नहीं दिया गया। हालांकि इन सेवाओं को शुरू करने के लिए ई-संपर्क सेंटरों पर काम करने वालों को बाकायदा ट्रेनिंग भी दिलाई गई थी। इसके साथ ही गाड़ी की रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी ई-संपर्क सेंटरों में होनी थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी लटका है।
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ये हैं ई-संपर्क सेंटर के उद्देश्य

तेजी से बदल रहा है इंटरनेट का संसार
1. रेजीडेंट्स को बाधा रहित सुविधाएं उपलब्ध करवाना।
2. रेजीडेंट्स को एक स्थान पर ही सभी सुविधाएं देना।
3. प्रोसेसिंग, इश्यू और सर्विस में जल्द से जल्द सेवा देना।

ये सेवाएं होनी थी शुरू :
ई-संपर्क सेंटरों में रेलवे टिकट, आवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, गाड़ी की रजिस्ट्रेशन, गाड़ी का ट्रांसफर सर्टिफिकेट, स्टांप पेपर की सेल, पासपोर्ट सेवा, आधार कार्ड सेवा, बिजली बिल की सेवा, पैन कार्ड सेवा, बस के पास के साथ करीब 50 से ज्यादा सेवाएं यहां दी जानी थी। इनमें से कई सेवाएं शुरू हुईं और कई सेवाएं अब तक पेंडिंग हैं।  

आईटी डायरेक्टर जितेंद्र यादव से सवाल-जवाब :
प्रश्न : ई-संपर्क सेंटर के माध्यम से जो सुविधाएं दी जानी थी, उनमें कई अब तक पेंडिंग हैं?
उत्तर : हमारी लगातार कोशिश है कि यहां के रेजीडेंट्स को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। इसके लिए आवश्यक है कि जिस विभाग को ई-संपर्क सेंटर से जोड़ा जाए वह भी अग्रणी रहे। कई तो इस मामले में आगे हैं और सुविधाएं शुरू भी हो चुकी हैं, लेकिन कई सेवाओं को शुरू करवाने के लिए हम प्रयासरत हैं।

प्रश्न : ई-संपर्क सेंटर में पासपोर्ट की सुविधा नहीं है, इसका क्या कारण है?
उत्तर : ई-संपर्क सेंटरों में पासपोर्ट के लिए आवेदन की सुविधा दी जानी थी। इसके लिए ट्रेनिंग भी दी गई पर जब तक पासपोर्ट कार्यालय से लिंक नहीं मिलेगा हम इसको शुरू नहीं कर सकते हैं।

प्रश्न : आरएलए के सहयोग से ई संपर्क सेंटरों में आरसी की व्यवस्था की जानी थी, इसका क्या हुआ?
उत्तर : हम आरएलए से संपर्क में हैं, हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द यह सेवा शुरू करवाई जाए।
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