कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत शहर की 91.01 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं 28.20 प्रतिशत ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दोनों खुराक ले ली हैं। अभियान के तहत प्रतिदिन 8 हजार से 9 हजार लाभार्थियों को टीका लगाया जा रहा है।
तीसरी लहर से बचाव की तैयारी
तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पीजीआई ने भी तैयारी पुख्ता कर ली है। पीजीआई में बच्चों के लिए अलग 14 बेड की आईसीयू यूनिट स्थापित की गई है। इसके साथ ही वहां एक हजार प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन जेनरेट करने वाले दो प्लांट तैयार हैं। वहीं, जीएमएसएच- 16 में 22 बेड का आईसीयू बनाया गया है। सेक्टर- 45 के सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए स्थापित 15 बेड के आईसीयू के लिए विशेषज्ञ तैनात किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि संक्रमण दर शून्य पर आने के बावजूद स्क्रीनिंग पर ध्यान रहेगा ताकि संक्रमण के फैलाव को शुरुआती दौर में ही फिर से सक्रिय होने से रोका जा सके। इसके लिए मोबाइल टीम के संचालन के साथ ही जीएमएसएच-16 में 24 घंटे कोरोना टेस्ट की सुविधा पूर्ववत रहेगी।
तीसरी लहर निश्चित आएगी। यह वायरस का चक्र है। दो महीने शांत रहने के बाद फिर संक्रमण की रफ्तार बढ़नी तय है, क्योंकि दो महीने में वायरस रूप बदलकर पहले से और ज्यादा ताकतवर हो जाता है। तीसरी लहर के दुष्प्रभाव से बचने के लिए टीका लगवाना जरूरी है। चंडीगढ़ के लिए बेहद राहत भरा है कि शहर की 90 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है, लेकिन इससे ज्यादा निश्चिंत होने की जरूरत नहीं है। यह वक्त प्रशासन और स्वास्थ विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय है। इस समय बचाव की स्थायी व्यवस्था पर जोर देना होगा। -डॉ. आरएस बेदी, वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार