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राहत की खबर: चंडीगढ़ में 17 माह में दूसरी बार नहीं मिला कोरोना का केस, विशेषज्ञों की सलाह-लापरवाही से बचें

Thu, 05 Aug 2021 03:27 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत शहर की 91.01 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं 28.20 प्रतिशत ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दोनों खुराक ले ली हैं।
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चंडीगढ़ में कोरोना। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण के दौरान 18 मार्च 2020 के बाद दूसरी बार बुधवार को शहर में एक भी मरीज नहीं मिला है। इससे पहले 3 जून 2020 को कोई संक्रमित नहीं मिला था। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले 24 घंटे में 1498 संदिग्धों की जांच की, लेकिन एक भी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, तीन मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटे। अब शहर में सक्रिय केस की संख्या 31 रह गई है। 

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इससे स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन खुश है, लेकिन अधिकारियों ने लोगों से अपील है कि वे लापरवाही न बरतें। बचाव के मानकों का पालन पहले से और ज्यादा सजग होकर करें, क्योंकि देश के कई हिस्सों में तीसरी लहर का खतरा शुरू हो गया है। जरूरी है कि जल्द से जल्द टीका लगवाया जाए। टीके की खुराक संक्रमण की गंभीरता को कम करने में कारगर साबित हुई है। 

अब तक 91 प्रतिशत ने लगवाई पहली खुराक 

कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत शहर की 91.01 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं 28.20 प्रतिशत ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दोनों खुराक ले ली हैं। अभियान के तहत प्रतिदिन 8 हजार से 9 हजार लाभार्थियों को टीका लगाया जा रहा है।

तीसरी लहर से बचाव की तैयारी
तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पीजीआई ने भी तैयारी पुख्ता कर ली है। पीजीआई में बच्चों के लिए अलग 14 बेड की आईसीयू यूनिट स्थापित की गई है। इसके साथ ही वहां एक  हजार प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन जेनरेट करने वाले दो प्लांट तैयार हैं। वहीं, जीएमएसएच- 16 में 22 बेड का आईसीयू बनाया गया है। सेक्टर- 45 के सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए स्थापित 15 बेड के आईसीयू के लिए विशेषज्ञ तैनात किए जा चुके हैं।
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स्क्रीनिंग पर अब भी रहेगा जोर

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि संक्रमण दर शून्य पर आने के बावजूद स्क्रीनिंग पर ध्यान रहेगा ताकि संक्रमण के फैलाव को शुरुआती दौर में ही फिर से सक्रिय होने से रोका जा सके। इसके लिए मोबाइल टीम के संचालन के साथ ही जीएमएसएच-16 में 24 घंटे कोरोना टेस्ट की सुविधा पूर्ववत रहेगी। 

तीसरी लहर निश्चित आएगी। यह वायरस का चक्र है। दो महीने शांत रहने के बाद फिर संक्रमण की रफ्तार बढ़नी तय है, क्योंकि दो महीने में वायरस रूप बदलकर पहले से और ज्यादा ताकतवर हो जाता है। तीसरी लहर के दुष्प्रभाव से बचने के लिए टीका लगवाना जरूरी है। चंडीगढ़ के लिए बेहद राहत भरा है कि शहर की 90 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है, लेकिन इससे ज्यादा निश्चिंत होने की जरूरत नहीं है। यह वक्त प्रशासन और स्वास्थ विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय है। इस समय बचाव की स्थायी व्यवस्था पर जोर देना होगा। -डॉ. आरएस बेदी, वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार 

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