दावा किया गया था कि जाट आंदोलन के कारण हरियाणा में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, जबकि ऐसा हुआ ही नहीं था। हरियाणा में इंटरनेट सेवा पहले की तरह चल रही है और आंदोलन के दिनों में भी चलती रही।
सोशल मीडिया पर जाट आरक्षण आंदोलन का जमकर प्रचार-प्रसार हो रहा है। शनिवार को उपद्रव बढ़ने के बाद इंटरनेट सेवा बंद करने का दावा किया गया था। लेकिन करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जैसे कई शहरों में इंटरनेट की सेवा निर्बाध जारी रही। किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं दिखी।
शनिवार को कई टेलीकॉम कंपनियों ने सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद करने के लिए बयान जारी किए थे। सोशल मीडिया के जरिये भी आंदोलन को भड़काया जा रहा है। अलग-अलग जगह की गतिविधियां साइट्स पर अपलोड हो रही हैं।