नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाइपर) के निदेशक प्रो. रघुराम राव को निलंबित करने के राष्ट्रपति के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रो. रघुराम राव की ओर से याचिका दाखिल करते हुए निलंबन के आदेश को चुनौती दी गई थी। राव को पहले 24 सितंबर को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए थे। इसके खिलाफ राव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निलंबन के आदेश को चुनौती दी गई थी।
27 सितंबर को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने प्रो रघुराम राव की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके निलंबन के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। सिंगल बेंच से कोई राहत नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील दायर कर दी थी। डबल बेंच ने अपील पर सुनवाई करते हुए प्रो रघुराम के निलंबन के आदेश पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार को 30 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब राव ने दोबारा याचिका दायर कर बताया कि 30 अक्तूबर को उनकी अपील पर सुनवाई से एक दिन पहले 29 अक्तूबर को एक बार फिर उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए।
एडवोकेट पुनीत बाली ने हाईकोर्ट को बताया कि 29 अक्तूबर को प्रो रघुराम राव के निलंबन आदेश बेहद अजीब तरीके से जारी किये गए हैं जबकि उन्हें शो कॉज नोटिस तक नहीं दिया गया। जस्टिस तजिंदर सिंह ढींडसा ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रो रघुराम राव को निलंबित करने के 29 अक्तूबर के आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।