दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने चार अगस्त को धारा 120 बी और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 17, 18 और 18बी के तहत बिश्नोई के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एनआईए ने 26 अगस्त को दोबारा मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
30 साल के लॉरेंस पर 50 से ज्यादा मामले
पंजाब के फाजिल्का निवासी 30 वर्षीय लॉरेंस पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। एनआईए को जांच में पता चला कि लॉरेंस अपने भाइयों सचिन और अनमोल बिश्नोई और गोल्डी बराड़, काला जठेड़ी, काला राणा, बिक्रम बराड़ और संपत नेहरा सहित अन्य सहयोगियों के साथ ड्रग्स व हथियारों की तस्करी और व्यापक जबरन वसूली जैसी आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटा रहे थे।
रिमांड की मांग के दौरान एनआईए के वकील ने कोर्ट के सामने कहा कि गैंगस्टर्स को पाकिस्तान से हथियार मिल रहे थे और ये विदेशी संगठनों के साथ मिलकर मूसेवाला जैसे लोगों की हत्या की साजिश में शामिल रहा है। रिमांड के दौरान उससे जांच एजेंसी पाकिस्तान में मिले हथियार और विदेशी आतंकी संगठनों से कनेक्शन को लेकर पूछताछ करेगी।