चंडीगढ़। सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर-575 में बीते 11 सितंबर को हैंड ग्रेनेड धमाके में साेमवार को सुनवाई के दौरान विशेष अदालत से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ा झटका लगा। एनआईए ने अमृतसर की जेल से लाए गए दो आरोपियों आकाशदीप उर्फ आकाश और अमरजीत को विशेष अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड मांगा लेकिन आरोपी पक्ष ने जांच टीम से रिमांड मांगने का आधार पूछा तो एनआईए ने जवाब देने या कारण बताने से इन्कार कर दिया। रिमांड को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी बहस हुई और इसके बाद आरोपी पक्ष ने मामले से जुड़े सारे दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए अदालत में एक आवेदन कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों का रिमांड देने के बजाय उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और अब 28 नवंबर को पहले आरोपी पक्ष के आवेदन पर फैसला होने के बाद रिमांड को लेकर सुनवाई करेगी।
बता दें कि बीते 11 सितंबर की देर शाम सेक्टर-10 की कोठी नंबर-575 में ऑटो सवार दो युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंका था। इसकी सूचना पाते ही यूटी सहित हरियाणा, पंजाब पुलिस व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में घटना के कुछ घंटे बाद ही विदेश में सैटल हैप्पी पशिया नाम से सोशल मीडिया में एक पोस्ट वायरल हुई थी जिसमें उसने पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त एसपी के पद से सेवानिवृत्त जसकीरत सिंह चहल को मारने की जिम्मेवारी ली थी। इस पोस्ट में यह हमला 1986 में नकोदर में हुई घटना का बदला लेने को लेकर करवाने की बात लिखी गई थी। इसके बाद मामले में पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा का नाम सामने आया था। इस मामले में जांच टीम ने सेक्टर-तीन थाने में केस दर्ज किया था। करीब डेढ़ महीने पहले इस मामले की जांच एनआईए के पास ट्रांसफर हुई है। इनमें ऑटो चालक कुलदीप को घटना के कुछ देर बाद ही यूटी पुलिस जबकि हमला करने वाले आरोपी रोहन मसीह और विशाल मसीह उर्फ शालू को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
एनआईए सोमवार को अमृतसर जेल में आर्म्स एक्ट के मामले में बंद आरोपी आकाशदीप व अमरजीत को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई और अदालत से इनका रिमांड मांगा लेकिन आरोपी पक्ष की ओर से पेश हुए प्राकुल कश्यप और विनय यादव ने रिमांड का विरोध करते हुए आरोपियों के रिमांड मांगने का आधार पूछा लेकिन एनआईए ने कहा कि रिमांड मांगने का कारण वह नहीं बता सकते हैं इसलिए आरोपी पक्ष ने कोर्ट में आवेदन किया कि उन्हें अभी तक इस मामले से जुड़ी एफआईआर, रिमांड पेपर या फिर अदालत से जारी आदेशों की भी कोई प्रतिलिपि नहीं मिली है। उनके पास इस केस से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है, जिसके आधार पर एनआईए जांच कर रही है। आरोपी पक्ष ने जांच टीम से मामले से जुड़े सारे दस्तावेज उपलब्ध करवाने के आवेदन किया है। अदालत ने भी आवेदन के आधार पर एनआईए से ही जवाब तलब कर उन्हें नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।