फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिजबुल मुजाहिदीन नारको टेरर केस : विदेश से आया हूं, बता किराए पर ली थी कोठी, NIA की दबिश पर खुले राज

Fri, 05 Feb 2021 09:14 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
विज्ञापन
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
विज्ञापन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को लोहारका रोड स्थित रंजीत विहार की गली नंबर सात की कोठी में कश्मीरी आतंकी संगठनों के साथ नारको-टेरर गतिविधियां संचालित कर रहे मनप्रीत सिंह के घर का चप्पा-चप्पा खंगाला। इससे पहले एनआईए के अधिकारियों ने मनप्रीत सिंह से उसकी कोठी ही में लगभग 16 घंटे पूछताछ की।

विज्ञापन


जांच के दौरान एनआईए को कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों में मनप्रीत सिंह के आईएसआई व आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंधों के राज छिपे हैं। मनप्रीत सिंह को एनआईए के अधिकारियों ने गुरुवार देर रात 11 बजे कोठी से बाहर निकाला और कड़ी सुरक्षा में मोहाली ले गए। जहां शुक्रवार को मोहाली स्थित एनआईए कोर्ट में पेश किया गया।

वहीं शुक्रवार को मामले की गहराई से जांच करने के लिए एनआईए की टीम के साथ फॉरेंसिक टीम मनप्रीत सिंह की कोठी पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने डोर बेल बजाई तो कोठी में मौजूद उसके परिजनों ने दरवाजा नहीं खोला। फॉरेंसिक टीम 20 मिनट तक दरवाजा खटखटाने के बाद चली गई। इसके बाद जब महिला कांस्टेबल कोठी के बाहर पहुंची तो परिजनों ने दरवाजा खोला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक मनप्रीत सिंह ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज फ्लश में बहा दिए थे, जिन्हें एनआईए की फॉरेंसिक टीम ने शुक्रवार को कोठी में फ्लश तोड़कर बाहर निकाला। सीवरेज में पड़े रहने के कारण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा है। जांच के दौरान एनआईए ने किसी दूसरे व्यक्ति व मीडिया को भीतर जाने नहीं दिया। 

वहीं मनप्रीत से मिलने कौन-कौन आता था, वह कहां-कहां जाता था। इस कोठी में रहने से पहले वह कहां-कहां रहा। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले रंजीत सिंह उर्फ चीता व मनप्रीत सिंह के संबंध कैसे बने, इन विषयों पर मनप्रीत की पत्नी से पूछताछ की गई। 

बता दें कि मनप्रीत पर नशा तस्करी, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट व तस्कर रंजीत सिंह उर्फ चीता के इशारे पर काम करता था। चीता अभी जेल में है। आरोपी मनप्रीत को गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का भी करीबी बताया जाता है। मनप्रीत के घर से तलाशी के दौरान गुरुवार को 20 लाख की ड्रग मनी व 130 कारतूस बरामद हुए थे।

विदेश से आया हूं, कहकर 16 हजार पर ली कोठी 
एनआईए की टीम ने कोठी मालिक महेश शर्मा से भी पूछताछ की। महेश शर्मा ने एनआईए को बताया कि लगभग आठ माह पहले उसने मनप्रीत को 16 हजार रुपये प्रति माह पर कोठी किराये पर दी थी। उसने बताया था कि वह विदेश में रहता था और अब वापस आ गया है। मनप्रीत सिंह अपनी पत्नी व तीन बच्चों के साथ रह रहा था। 

महेश शर्मा ने कोठी किराये पर देने से पहले मनप्रीत सिंह से रेंट एग्रीमेंट किया था। महेश ने मनप्रीत के आधार कार्ड की प्रति भी एनआईए को सौंपी। शर्मा ने पुलिस को इस बात की सूचना दी थी कि उसने मनप्रीत सिंह को कोठी किराये पर दी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मनप्रीत सिंह के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, उन्हें इस बात की कोई भी जानकारी नहीं है। उन्हें पुलिस अधिकारियों का फोन आया था कि वह जांच में शामिल हों।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें