एनआईए ने अदालत को बताया कि पुलिस जांच के दौरान पाया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई इस मामले का मुख्य आरोपी है, जो लोगों के मन में आतंक पैदा करने के लिए भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से गिरोहों/सिंडिकेट्स का संचालन करता है। बिश्नोई ने अब तक की पूछताछ के दौरान अपने सिंडिकेट और अपने करीबियों के काम करने के तरीके का खुलासा किया है। इसके अलावा, लॉरेंस और अन्य गिरोहों के बीच की कड़ी और उनमें टकराव की कड़ियां जोड़ने के लिए लॉरेंस की पुलिस हिरासत की आवश्यकता होगी।
आतंक फैलाने में भी बिश्नोई समेत नौ नामजद
सिद्धू मूसेवाला हत्या और देश में आतंक फैलाने के मामले में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई, काला झठेड़ी, जग्गू भगवानपुरिया, गोल्डी बराड़ सहित नौ खूंखार अपराधियों को नामजद किया है। एनआईए ने कहा कि इन आरोपियों ने लोगों के मन में आतंक पैदा करने के इरादे से भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को भर्ती करने की साजिश रची थी।
गिरोह के ये सदस्य अपने अन्य सहयोगियों के साथ घातक हथियारों और विस्फोटकों के इस्तेमाल से लक्षित हत्याओं को अंजाम देकर दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। उपरोक्त आतंकवादी गिरोह बड़े पैमाने पर जनता के बीच व्यापक आतंक पैदा करने और अपना प्रचार करने के लिए साइबर स्पेस और सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे थे। एनआईए ने कहा कि इनमें से कुछ गिरोह जेल से काम कर रहे हैं और अन्य फरार हैं और भारत और विदेश के विभिन्न हिस्सों से काम कर रहे हैं।
इंडियन मुजाहिदीन का मोबाइल इस्तेमाल करता रहा बिश्नोई
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि लॉरेंस बिश्नोई उस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा था जिसका इस्तेमाल इंडियन मुजाहिदीन का एक सदस्य कर रहा था। बिश्नोई और उसके गिरोह के सदस्यों के कॉल को इंटरसेप्ट किया गया था। याचिका में कहा गया कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर यह पता चला है कि तिहाड़ जेल में एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल इंडियन मुजाहिदीन आतंकवादी समूह के सदस्यों ने किया था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि निगरानी के दौरान यह पता चला कि उपरोक्त फोन नंबर आरोपी लॉरेंस बिश्नोई भी इस्तेमाल कर रहा था जो जेल नंबर-8 तिहाड़ जेल में बंद था, जहां इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य बंद थे।