अबू धाबी से दबोचा गया था
एनआईए की विशेष अदालत द्वारा एनबीडब्ल्यू जारी करने और उसके बाद इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद नवंबर 2023 में आतंकी तरसेम सिंह को अबू धाबी से दबोचा गया था। शुक्रवार को इंटरपोल की उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे संयुक्त अरब अमीरात से भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया।
एनआईए ने 2022 में दर्ज किया था मामला
एनआईए की जांच के अनुसार तरसेम रिंदा और लंडा के भारत स्थित सहयोगियों को आतंकी फंड की व्यवस्था करने और मुहैया कराने में सक्रिय रूप से शामिल था। वह कई मार्गों से आतंकी फंडों को ऑपरेट करता था। एनआईए ने 20 अगस्त 2022 को संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। यह मामला खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ), बीकेआई, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) आदि जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के प्रमुखों व सदस्यों की आतंकी गतिविधियों से संबंधित है।
आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में हाथ
एनआईए ने बताया कि आतंकी तरसेम, लंडा और रिंदा अलग-अलग आतंकी संगठनों के साथ मिलकर पंजाब के सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक, आईईडी आदि की तस्करी के लिए आतंकी संगठनों और संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के माध्यम से काम कर रहे हैं। एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि ये सभी आरोपी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हवाला कारोबार आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं।