विदेश में बैठे आतंकियों, गैंगस्टरों और नशा तस्करों व उनके सहयोगियों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शिकंजा कस दिया है। एजेंसी ने कुछ दिन पहले मारे छापों के बाद गुरवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सारे आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और आतंकी अर्श डल्ला और गोल्डी बराड़ के सहयोगी हैं। पकड़े गए आरोपियों में लक्की खोखर उर्फ डेनिस निवासी बठिंडा प्रमुख है। यह कनाडा में छिपे आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का करीबी है। अन्य आरोपी लखवीर सिंह, हरप्रीत, दिलीप बिश्नोई, सुरिंदर उर्फ चिकू चौधरी और हरि ओम हैं।
एनआईए ने गत वर्ष 20 अगस्त को स्वतः संज्ञान लेकर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा, लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा और अर्श डल्ला शामिल थे। इसके बाद विभिन्न राज्यों में एनआईए ने छापे मारे थे। साथ ही कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
एनआईए की जांच में सामने आया है कि काबू किया गया खोखर अर्श डल्ला के लिए काम करता है। वह सरहद पार से हथियारों की तस्करी में शामिल रहा है, उसके संबंध कई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से हैं। साथ ही आतंक से संबंधित गतिविधियों के लिए धन प्राप्त करने के अलावा गैंग से युवाओं को जोड़ता था। एनआईए ने अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रवक्ता के अनुसार सुरिंदर चौधरी और दलीप बिश्नोई गैंगस्टर्स लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ के गैंगस्टर्स के सहयोगी हैं। वे हरियाणा में शराब और खनन ठेकेदारों से अवैध शराब अनुबंधों, तस्करी और जबरन वसूली करते रहे हैं। दिलीप बिश्नोई पर 13 मामले थे।
विदेश में बैठे आतंकी कर रहे हैं खेल
एनआईए की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान, कनाडा, मलयेशिया, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में छिपकर बैठे आतंकी भारत में गिरोह चला रहे हैं। इस दौरान वे टारगेट कीलिंग को अंजाम देने से लेकर नशा और हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। साथ ही हवाला रूट प्रयोग करते हैं।