वाहन का रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोग दलालों के पास न जाएं इसलिए यूटी के रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) नए तरह के फार्म तैयार कर रहा है।
इस फार्म के पहले पेज पर ही लोगों को वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही पूरी चेक लिस्ट भी होगी।
आरएलए के अधिकारियों का मानना है कि बहुत से लोगों को यह मालूम नहीं होता है कि वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने की क्या प्रक्रिया है या इसके लिए क्या-क्या दस्तावेज लगते हैं। अगर फार्म के पहले पेज पर ही विस्तार से यह जानकारी दे दी जाए तो लोग दलालों के चक्कर में नहीं पड़ेंगे।
आरएलए एक तरफ फार्म को आसान बना रहा है, वहीं फार्मों में गलतियों को भी ठीक किया जा रहा है। आरएलए की ओर से लोगों की सुविधा के लिए वेबसाइट पर भी सभी तरह के फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे।
वेबसाइट पर फार्म आने के बाद लोगों को वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने या लाइसेंस बनवाने के लिए रेडक्रास की फाइल नहीं खरीदनी होगी। यूटी प्रशासन के परिवहन विभाग की वेबसाइट को जल्द लॉन्च किया जाएगा।
इस संबंध में आरएलए कशिश मित्तल ने कहा कि फार्म के पहले पेज पर लोगों को वाहन खरीदने से लेकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने तक की पूरी प्रक्रिया को आसानी से समझाया जाएगा। हम उम्मीद करते हैं कि इससे लोग दलालों के पास अपने कामों के लिए नहीं जाएंगे।
ईस्ट और साउथ में भी लगेंगे कैमरे
आरएलए ने दलालों पर नजर रखने के लिए सेक्टर-17 स्थित आरएलए कार्यालय में तो अलग-अलग स्थानों पर 28 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। लेकिन, सेक्टर-42 स्थित एसडीएम (साउथ) कार्यालय और इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एसडीएम (ईस्ट) कार्यालय में आरएलए की शाखाओं में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
इससे यहां दलाल खुलेआम घूमते रहते हैं। दो दिन पहले ही एक दलाल ने लाखों की ठगी की थी। अब इन दोनों शाखाओं में भी कैमरे लगेंगे और आरएलए सेक्टर-17 के कार्यालय में बैठकर इन दोनों कार्यालयों में दलालों पर नजर रख पाएंगे।