एक बार फिर से कोरोना के नए वेरिएंट FLiRT (फिलर्ट) या KP.2 ने चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को विशेष रूप से सचेत रहने को कहा जा रहा है। हालांकि, इसमें हल्के फ्लू के लक्षण हैं, लेकिन अगर सावधानी न बरती तो स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं, चुनावी गतिविधि के दौरान भी बचाव के मानकों के पालन की सलाह दी जा रही है।
पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की एपेडेमिक एक्सपर्ट प्रो. पीवीएम लक्ष्मी का कहना है कि कोरोना वायरस म्यूटेट होता है। इस तरह हर बार एक नया स्ट्रेन आता है जो तेजी से फैलता है। यह आम सर्दी-जुकाम की तरह है और हमें इसके साथ जीना पड़ता है। उन्होंने बताया कि परीक्षण और जीनोम अनुक्रमण से इसके बारे में पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
प्रो. लक्ष्मी का कहना है कि इस मौसम में एलर्जी का खतरा रहता है और अक्सर लोग वायरल में खुद ही दवा लेने लगते हैं लेकिन यह संक्रमण बुखार के साथ होता है जो एलर्जी नहीं है। ऐसी स्थिति में संक्रमित व्यक्ति को छोटे बच्चों और बुजुर्गों से दूर रहना चाहिए क्योंकि वे आसानी से संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
प्रो. लक्ष्मी का कहना है कि अगर बुज़ुर्ग लोग वोट देने जाते हैं या उन्हें किसी राजनीतिक रैली में भाग लेने की ज़रूरत होती है, तो उन्हें खुद को अच्छी तरह से हाइड्रेट करना चाहिए। गर्मी के मौसम में बाहर जाने से बचना चाहिए और अपने मुंह और नाक को रूमाल से ढकना चाहिए। इसके साथ ही सभी बूथों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग कतार का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
लक्षणों पर करें गौर
बुखार या ठंड लगना
खांसी
सांस लेने में तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई
थकान
मांसपेशियों या शरीर में दर्द
सिरदर्द
गले में खराश
नाक बंद होना या बहना
मतली या उल्टी और दस्त
नया वेरिएंट आप भी जान लें
FLiRT में मौजूद सभी स्ट्रेन JN1 वेरिएंट के वंशज हैं, जो कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का ही एक हिस्सा है। यह हल्के लक्षण पैदा करता है। डब्ल्यूएचओ ने इस स्ट्रेन को निगरानी में रखे गए वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है इसलिए इस पर प्राथमिकता के साथ ध्यान देने की आवश्यकता है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा वैक्सीन की तीसरी खुराक की सिफारिश की जाएगी या नहीं। थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूनाइटेड किंगडम में फैल चुका है।