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नौकरी : पीयू में कब और कैसे होंगी शिक्षकों की भर्तियां... जानिए यहां

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : P.U.
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में अब बचे बड़े कामों को अंतिम मंजूरी सीनेट ही देगी। सभी को नई सीनेट का इंतजार है। शिक्षकों की भर्ती का मामला हो या फिर रोस्टर लागू करने की बात। यही नहीं, 150 से अधिक शिक्षकों के पदोन्नति पत्र भी नई सीनेट ही जारी करेगी। अभी तक पीयू की ओर से इन कार्यों को फाइनल नहीं किया गया था। हालांकि पुटा की ओर से पहल की जाएगी कि यह पदोन्नति पत्र वीसी जारी करें। विभागों के विलय का भी प्रस्ताव सीनेट ही देखेगी।
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शिक्षक व कर्मचारियों का आरक्षण रोस्टर भी लागू नहीं हो पाया, जबकि दो बार यह बनाया गया। कर्मचारी रोस्टर को लागू कराने के लिए हाईकोर्ट से लेकर एससी-एसटी आयोग की शरण में गए। यूजीसी ने भी आदेश जारी किए, लेकिन इस पर भी बात नहीं बन पाई। हाल ही में एससी-एसटी आयोग पंजाब ने कैप्टन सरकार से सिफारिश भी की थी कि पीयू की ग्रांट रोक दी जाए। कुल मिलाकर यह प्रकरण भी आगे नहीं बढ़ पाया। अब उम्मीद की जा रही है कि नई सीनेट व सिंडिकेट ही इस प्रकरण को आगे बढ़ाएगी, क्योंकि शिक्षकों की भर्तियों पर यह कहकर रोक लगाई गई थी कि अभी रोस्टर लागू नहीं हो पाया।
सिंडिकेट ने लगाया था अड़ंगा, सीनेट निकालेगी
पीयू में 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती निकाली गई थी। सिंडिकेट ने इस पर रोक लगा दी। आरोप लगाए गए कि रिक्तियां पारदर्शी तरीके से नहीं निकाली गई। जिन विभागों को जरूरत है, उन विभागों में एक भी रिक्तियां नहीं निकाली गई। उस दौरान सिंडिकेट की कमेटी बनी और पूरा रिकॉर्ड चेक किया गया। आखिर में सिंडिकेट ने नौ शिक्षकों की भर्तियों को मंजूरी दी। हालांकि बाद में जाकर यह भी कम करके दो ही कर दी गई। कुल मिलाकर यह मामला अब तक अटका है। मार्च में इस पर पीयू को काम करना था, लेकिन नहीं कर पाई। 21 अस्थायी शिक्षकों की भी भर्तियां निकाली गईं, लेकिन उन पर भी रोक लगा दी गई। सूत्रों का कहना है कि अब नई सीनेट ही कुछ कर पाएगी।
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सब काम बिना सीनेट के हो जाते.. शिक्षकों की पदोन्नति पर अटकता मामला
लंबे समय तक प्रदर्शन के बाद 150 से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता पुटा ने साफ करवाया। जैसे-तैसे शिक्षकों के साक्षात्कार हो गए, लेकिन अभी तक पदोन्नति पत्र जारी नहीं हुए। शिक्षक इसका इंतजार कर रहे हैं। पुटा ने भी इसके लिए वीसी को पत्र लिखा। यह मामला भी अभी तक हल नहीं हो पाया। पुटा सचिव अमरजीत सिंह नौरा का कहना है कि वीसी से इसे लेकर वे फिर मिलेंगे। बिना सीनेट के तमाम कार्य कर दिए गए, लेकिन जब शिक्षकों की बात आती है तो मामला अटक जाता है।
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