चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की ओर से मौलीजागरां में नया स्कूल तैयार किया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल को पत्र लिखकर इस स्कूल को लड़कियों के लिए आरक्षित करने की मांग रखी है। इसको लेकर वीरवार को हुई धर्मपाल के साथ बैठक में एरिया पार्षद मनोज सोनकर ने भी क्षेत्रवासियों की अपील को प्रशासन के समक्ष रखा।
प्रशासक के सलाहकार को अवगत करवाया गया कि क्षेत्र में मौली कांप्लेक्स, चरण सिंह कॉलोनी, मौली गांव, विकास नगर, रायपुर कलां और मक्खनमाजरा में वर्तमान में छह सरकारी स्कूल चल रहे हैं। वहीं क्षेत्र में एक और नया स्कूल मौलीजागरां में निर्माणाधीन है जो लगभग तैयार हो चुका है। इन छह स्कूलों में हजारों की संख्या में छात्र पढ़ते हैं। क्षेत्र का भी स्कूल लड़कियों के लिए आरक्षित नहीं है। ऐसे में बड़ी कक्षाओं में लड़कियों कई बार असुरक्षित महसूस करती है। इसलिए घनी आबादी और लड़कियों के भविष्य को देखते हुए स्कूल को केवल लड़कियों के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए। बता दें कि चंडीगढ़ में वर्तमान में 116 के करीब सरकारी स्कूल हैं, लेकिन तीन स्कूल ही लड़कियों के लिए आरक्षित हैं।
सरकारी स्कूल पॉकेट-8 को दो शिफ्ट में चलाने की मांग
वार्ड नंबर-4 से पार्षद सुमन गेवी ने बताया कि सरकारी स्कूल पॉकेट-8 में छात्रों का संख्या बहुत अधिक हैं। वहीं एरिया का इकलौता अंग्रेजी माध्यम स्कूल है। इसलिए इस स्कूल को दो शिफ्ट में चलाया जाना चाहिए जिससे बच्चों की पढ़ाई आसानी से हो सके। इसके लिए उनकी ओर से शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा गया है।
डीईओ से मांगी है एरिया के स्कूलों की रिपोर्ट
मौलीजागरां के स्कूल को लेकर क्षेत्र पार्षद की ओर से इसे लड़कियों के लिए आरक्षित करने की मांग उठाई गई थी। इसको लेकर डीईओ से क्षेत्र के स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है। जरूरतों को देखते हुए इस पर फैसला लिया जाएगा। - हरसुहिंदर सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक