हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका नई मुसीबत में फंस गए हैं। सरकार ने पत्र लिखकर एक आदेश जारी किया है। हरियाणा सरकार ने आईएएस अशोक खेमका की वर्ष 20104-15 में मंजूर की गई एलटीसी रकम वापिस करने के लिए कहा है। इसके जवाब में खेमका ने प्रताड़ना का आरोप लगाया है और आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर कई अधिकारियों के एलटीसी भुगतान में भारी अनियमितताओं को उजागर किया है।
पूर्व मुख्य सचिव पीके चौधरी के समय में 12,397 की यह राशि खेमका की बीमार मां को हवाई जहाज के माध्यम से कोलकाता लाने और ले जाने के लिए जारी की गई थी। जो अब खेमका को वापिस करनी होगी। सरकार ने खेमका को पत्र लिख कर एक माह के भीतर पूर्व में ली गई एलटीसी की राशि वापिस करने को कहा है।
इसके अलावा 2016-17 में अपनी मां को अपनी बहन के पास हैदराबाद भेजने के लिए जो एडवांस राशि खेमका ने मांगी थी। उसके लिए भी इनकार कर दिया है। दरअसल इस पूरे मामले में अशोक खेमका ने सरकार से अपनी बीमार मां को हवाई जहाज के माध्यम से अपनी बहन के पास भेजने के लिए एलटीसी की राशि मांगी थी।
सरकार ने नियमों का हवाला देते हुए लिखा पत्र
आईएएस अशोक खेमका
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राज्य सरकार ने जब इस मामले में डीओपीटी से पूछा तो डीओपीटी ने साफ कर दिया कि नियमों में इस तरह का प्रावधान नहीं है। जिसका हवाला देते हुए सरकार ने पिछली दी गई राशि भी वापिस करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि जो एलटीसी अगले वर्ष के ब्लाक में लंबित है। उसे एक वर्ष पूर्व नहीं दिया जा सकता।आदेश मिलने के बाद खेमका ने आरटीआई केमाध्यम से सारे अधिकारियों को दी गई एलटीसी का रिकार्ड मांग लिया है। जिसके बाद अफसरशाही में हलचल तेज हो गई है।
आरटीआई में मिले जवाब में सरकार ने आईएएस अधिकारियों की लंबी चौड़ी सूची खेमका को भेजी है। जिसमें आईएएस अधिकारियों को एलटीसी के एवज में दी गई राशि का रिकार्ड है।
खेमका ने इस राशि के रिकार्ड के साथ इन अधिकारियों के यात्रा के खर्चे संबंधी बिल और सबूत भी मांगे थे। जिसका जवाब मिला है कि खर्च संबंधी साक्ष्य किसी अधिकारी ने पेश नहीं किए हैं।
खेमका ने मांगी थी नियमों में छूट
आईएएस अशोक खेमका
आईएएस अशोक खेमका ने मुख्य सचिव को पत्र लिख कर कहा है कि उनकी मां को चंडीगढ़ में सर्दी अधिक होने के कारण डाक्टरों ने गर्म स्थान पर ले जाने की सलाह दी है। वे अपनी मां को हवाई यात्रा के माध्यम से 30-11-2015 से हैदराबाद ले जाना चाहते हैं।
उनकी हैदराबाद से वापसी की तिथि 20-03-2016 होगी। मेरी मां ने एलटीसी के माध्यम से पिछली यात्रा 2014-15 में एडवांस अनुमति मिलने पर की थी। जिसमें राज्य सरकार ने राहत दी थी। मेरी मां के आने जाने की यह राशि 16 हजार होगी।
खेमका ने कहा सिर्फ मां के खर्च का पैसा लिया
खेमका ने कहा है कि वाड्रा डीएलएफ डील को रद करने के बाद से रोजाना मिलने वाली धमकियों से उनकी मां सदमें में है। जिसके लिए उन्होंने पूर्व में एलटीसी ली थी। यह राशि 12,397 रुपये है। इसमें सिर्फ अपनी मां के आने जाने का खर्च मैने लिया है। उनके साथ जाने वाले किसी सहायक का खर्च नहीं लिया है।
कुछ लोगों को गलत तरीके से लाभ देने के लिए सिद्धांतो का गला घोटा जा रहा है। प्रताड़ना का सिलसिला जारी है।
- अशोक खेमका, प्रधान सचिव हरियाणा सरकार