-कहा- मेरे काम के बारे में छह से आठ महीने के बाद बताना
-मेरे पास जो भी काम आएगा... अगर सही होगा, तभी करूंगा
-हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के पद की शपथ ली। उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू ने शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने कहा कि ये पद डेकोरेशन के नहीं होते, मुझे राष्ट्रपति ने पंजाब की जिम्मेदारी दी है, मैं उसे सेवा भाव से निभाऊंगा।
कटारिया ने कहा कि मैंने अपने राजनीतिक जीवन के 40 से 45 वर्ष लोगों के बीच गुजारे हैं। मेरे पास जो भी आएगा, मैं उससे मिलूंगा और अगर उसका काम सही होगा, तभी करूंगा। मैं सरकार के साथ चलूंगा। राज्य में और देश में किसी भी पार्टी की सरकार हो, सभी का दायित्व आम जनता की सेवा और उनके लिए काम करना होता है। मैं अपने इस दायित्व को निभाऊंगा। छह से आठ महीने बाद आप सभी लोग मेरे काम के बारे में बताना।
शपथ ग्रहण करने के बाद पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने गर्मजोशी के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को गले लगाया। इस दौरान नए राज्यपाल की पत्नी अनीता कटारिया, बेटी रेनू कटारिया और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। पंजाब के सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर, पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा और मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी उपस्थित रहे।
बॉर्डर एरिया का करूंगा दौरा
पंजाब के 30वें राज्यपाल के तौर पर शपथ लेने के बाद कटारिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पंजाब के बॉर्डर एरिया पर भी जाऊंगा और जिलों का दौरा भी करूंगा। पंजाब एक सरहदी इलाका है, इसलिए यहां की चुनौतियां भी अलग होंगी, इस लिहाज से बॉर्डर एरिया में सुरक्षा एजेंसी और पुलिस के बीच तालमेल बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने कहा कि वह राजस्थान सरकार में कई अहम पद संभाल चुके हैं, ऐसे में वह पंजाब के लोगों के साथ मिलकर प्रदेश की बेहतरी के लिए काम करेंगे।
दो बार राजस्थान के गृहमंत्री रह चुके हैं कटारिया, आठ बार रहे विधायक
राज्यपाल कटारिया का जन्म 13 अक्तूबर, 1944 में हुआ था। वह मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर से हैं। वह राजस्थान सरकार में वर्ष 2004 से 2008 और 2015 से 2018 तक गृहमंत्री रह चुके हैं। वह राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। उनकी गिनती भाजपा के दिग्गज नेताओं में होती रही है। राजस्थान सरकार में गृहमंत्री के अलावा वह शिक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन जैसे विभाग संभाल चुके हैं। कटारिया आठ बार विधायक रहे हैं। वह फरवरी 2023 में असम के राज्यपाल के पद पर नियुक्त किए गए थे। उन्होंने उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी से जियोग्राफी में मास्टर की और वकालत की डिग्री पूरी की है।