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मच्छरों को पकड़ने के लिए पहली बार नया प्रयोग

Fri, 24 Jul 2015 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए चंडीगढ़ के मलेरिया विंग ने पीजीआई के साथ एक नया प्रयोग किया है। मच्छरों को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया जा रहा है।
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जब मच्छर शिकंजे में आएगा तो उसकी जांच की जाएगी कि उसमें पैरासाइट है कि नहीं। यदि उसमें पैरासाइट मिलता है तो उस एरिया के मच्छरों को मारने के लिए विशेष अभियान चलेगा।

यदि उसमें पैरासाइट नहीं मिलता है तो उससे यह बात साबित होगी कि मलेरिया व डेंगू का केस बाहर से आया है। इस स्थिति में मरीज को ठीक करना पहली प्राथमिकता होगी। हालांकि चंडीगढ़ की स्थिति काफी अच्छी है। अब तक मलेरिया के 23 केस आए हैं जबकि डेंगू के दो केस।
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पिछले साल इस तारीख तक मलेरिया के दोगुने केस आ चुके थे, जबकि डेंगू के एक भी नहीं। मलेरिया विंग के अधिकारियों का कहना है कि अभी स्थिति कंट्रोल में है। लोगों को थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। वीरवार को मनीमाजरा के इलाके में मलेरिया का केस आया था।

मलेरिया विंग ने इसकी जानकारी पीजीआई के पैरासाइटोलॉजी डिपार्टमेंट को दी। इस पर डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया कि वे मच्छरों को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाएंगे, ताकि पता किया जा सके कि इलाके में किस तरह के मच्छर पनप रहे हैं।

यदि यह पता लग जाएगा तो उनका खात्मा अच्छी तरह से किया जा सकेगा। हालांकि पैरासाइटोलाजी डिपार्टमेंट कुछ पार्कों में इस तरह का प्रयोग करता आया है, लेकिन पहली बार किसी आबादी वाले इलाके में ट्रैप लगाया गया है।

रोजाना जारी किए जा रहे हैं नोटिस
बरसात का सीजन शुरू होने पर डेंगू व मलेरिया के लारवा मिलने शुरू हो गए हैं। सबसे ज्यादा लारवा डेंगू के मिल रहे हैं। खासकर उन इलाकों में जहां जलभराव की स्थिति ज्यादा होती है।
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जिस भी घर या दफ्तर से लारवा मिल रहे हैं, उन्हें नोटिस थमाया जा रहा है। अब तक किसी का चालान नहीं काटा गया है। यदि चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे तो चालान काटा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस मौसम में फिलहाल कूलर का पानी रोज बदलना चाहिए। छतों पर स्टोर हो रहे पानी को तुरंत हटाएं।
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