पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक के बदलने के साथ ही चंडीगढ़ में कई प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी बदल जाएंगी। विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की प्रेजेंटेशन बनाने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में प्रशासक सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय पहुंचेंगे और सलाहकार राजीव वर्मा समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे।
पूर्व प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में हर मंगलवार और शुक्रवार पहुंचते थे और प्रशासन से जुड़ी फाइलों पर चर्चा करके उन्हें क्लियर करते थे। इससे पहले वीपी सिंह बदनौर का कोई दिन तय नहीं था। कई बार वह सचिवालय आते थे, जबकि कई बार वह राजभवन में ही फाइलों को मंगवा लेते थे। अब अधिकारी इस बात से भी चिंतित है कि फाइलों को क्लियर करने के लिए नई व्यवस्था क्या बनेगी। इसके अलावा मेट्रो को लेकर नए प्रशासक का क्या रुख रहेगा, यह बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि प्रशासक ही यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) के अध्यक्ष होते हैं, उन पर बहुत कुछ निर्भर करता है।
भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य संजय टंडन ने नवनियुक्त प्रशासक से मुलाकात की और बधाई दी। टंडन ने चंडीगढ़ के महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में बात की। कहा कि चंडीगढ़ ग्रीन व क्लीन सिटी है। चंडीगढ़ में प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यही नहीं 24 घंटे पानी सप्लाई के प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है और सरकारी कार्यालयों को सोलर लगाने की प्रक्रिया जारी रही है। उन्होंने राज्यपाल से केंद्र सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर गति देने का आग्रह किया। इसके साथ ही संजय टंडन ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को तुरंत लागू करने का भी अनुरोध किया।