शारदीय नवरात्र शुरू हो गए हैं, लेकिन बड़े समारोह नहीं होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे। कालीबाड़ी में भी इस बार भव्य आयोजन नहीं होगा। कालीबाड़ी में केवल पूजा होगी। सभी धर्मिक कार्यक्रम होंगे, लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। इस बार कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा पर रौनक नहीं होगी। कालीबाड़ी में ट्राइसिटी से बड़ी संख्या में लोग पूजा में शामिल होने के लिए आते हैं।
मां के दर्शन के लिए सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ओर शाम साढ़े चार बजे से शाम छह बजे तक ही होगा। पुष्पांजिल में इस बार भक्त पुष्प भी अर्पित नहीं कर पाएंगे। दसवीं को मां दुर्गा की विदाई होगी। इससे पहले पूजा के बाद महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाती है। बंगाल में इसे सिंदूर खेला कहा जाता है। लेकिन इस बार केवल मां को ही सिंदूर लगाया जाएगा। आम महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर नहीं लगाएंगी।